कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के विरुद्ध इस तरह वीडियो जारी कर बुरी तरह फंस सकते हैं जानकी प्रसाद त्रिपाठी देखिये वायरल वीडियो मंगल भारत के साथ

सोशल मीडिया में वायरल जानकी प्रसाद त्रिपाठी का वीडियो है बहुत आपत्तिजनक ।
क्या यह एस डी एम चुरहट की शह पे हुआ है ? सवाल तो उठेंगे

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के विरुद्ध इस तरह वीडियो जारी कर बुरी तरह फंस सकते हैं जानकी प्रसाद त्रिपाठी।

ये वीडियो जानकी प्रसाद त्रिपाठी द्वारा व्यक्तिगत रूप से बनाया गया है , यह किसी समाचार या अधिकृत संस्था में दिया बयान नहीं है। इस वीडियो में कही हुई बातें जानकी प्रसाद त्रिपाठी द्वारा कही गयी निजी राय है। हमारा इससे किसी प्रकार का कोई संबंध एवं जिम्मेदारी  नहीं है।

इस वीडियो में यह स्पष्ट हो रहा है कि कैसे सरकारी जमीन पर कब्जा करने के जुर्म में जुर्माना जमा करने वाला एक अधिवक्ता बिना किसी प्रमाण के  एक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट पर  सौम्य वातावरण को खराब करने के आरोप लगा रहा है।

किस प्रकार से एक अधिवक्ता होते हुए बिना कोई लिखित शिकायत किये तहसीलदार चुरहट पर शांति भंग करने , सौम्य वातावरण को नष्ट करने के लिए प्रेरित करने के आरोप लगा रहा है। नामन्तरण के मामले को सरकारी जमीन का पट्टा वितरण कह रहा है।
इस वीडियो में तहसीलदार न्यायालय में प्रक्रियाधीन प्रकरण के बारे में एक कानूनविद जानकी प्रसाद त्रिपाठी द्वारा प्रकरण का फैसला होने से पहले ही संभावनाएं (कानून के जानकार को संभावनाएं नहीं नियमों के आधार पे तर्क देना चाहिए) व्यक्त कर प्रक्रियाधीन मामले में फैसला सुना दिया। न्यायालयीन प्रक्रिया का इस तरह मख़ौल उड़ाया गया है इस वीडियो में।

तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट चुरहट पर अपनी व्यक्तिगत पसंद नापसंद और रंजिशन कार्यवाही के लगाए आरोप , क्या जानकी प्रसाद के पास हैं इस सबके प्रमाण ?

के वर्षों से सड़क के किनारे रह रहे बसोड़ समुदाय के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री आवास बनाने को जानकी प्रसाद त्रिपाठी द्वारा तहसीलदार द्वारा कराया गया अतिक्रमण करार दिया गया। जबकि बसोड़ समुदाय ने जानकी प्रसाद पर उनकी बस्ती का जल निकास निस्तार रोकने, सरकारी जमीन हड़पने, उनके विरुद्ध फर्जी नामों से शिकायत करने और तरह तरह से प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए दिया है एस डी एम को ज्ञापन।

न किसी अधिवक्ता ने दिया ज्ञापन और न किसी ने की शिकायत , लेकिन जानकी प्रसाद त्रिपाठी ने लगा दिया तहसीलदार की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह। कहा कि अधिवक्ता हैं नाराज

तहसील चुरहट इस समय RCMS में बहुत बेहतर केस डिस्पोजल की स्थिति में चल रही है लेकिन जानकी प्रसाद त्रिपाठी ने लगा दिया तहसीलदार पर कार्य न करने और न्याय न देने का आरोप।

अब देखते हैं, जानकी के आगे बेबस प्रशासन क्या करता है ?? क्या कार्यवाही होगी ? या जे पी और उसके सम्बन्धो के चाक में पिस जाएगी प्रशासनिक गरिमा।

आमजन कहते हैं , नहीं होगी कार्यवाही ,क्योंकि जानकी प्रसाद जब एक मजिस्ट्रेट के खिलाफ इस तरह बोल सकता है, उसके पक्ष में कलेक्टर का आदेश रोका जा सकता है,तो प्रशासन उसकी मुट्ठी में ही हुआ न।

तहसीलदार ने बयान देने से किया इनकार ।
आगे की खबरों के लिए जुड़े रहिये मंगल भारत से।

x

Check Also

स्कूली के बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने की कवायद, केबीसी की तरह होगी स्पर्धा

भोपाल (मंगल भारत)। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में सामान्य ज्ञान वृद्धि के लिए अब सरकार नया प्रयोग करने ...