देरी से स्कूल आए प्राचार्य समेत आठ शिक्षक निलंबित, 27 का वेतन काटा

देरी से स्कूल आए प्राचार्य समेत आठ शिक्षक निलंबित, 27 का वेतन काटा

सिवनी. सरकारी स्कूलों में देरी से पहुंचने, गैरहाजिरी रहने की आदत प्राचार्य और शिक्षकों को भारी पडऩे लगी है। बुधवार को कलक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करते हुए गैरहाजिरी पाए जाने पर प्राचार्य सहित 08शिक्षकों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा 27 शिक्षकों का वेतन काटा गया है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को ही पत्रिका द्वारा केवलारी ब्लॉक में शिक्षकों के देरी से स्कूल पहुंचने की खबर प्रकाशित की गई थी।
केवलारी ब्लॉक में किया औचक निरीक्षण
कलक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा बुधवार को केवलारी विकासखंड पहुंचकर विभिन्न ग्रामों में शासकीय स्कूलों, धान उपार्जन केंद्रों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। कलक्टर सर्वप्रथम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उगली पहुंचे। जहां प्रात: 10:40 बजे प्राचार्य डी. बिसेन सहित अध्यापक आशा ठाकुर, तेजेश्वरी पारधी, रंजना महले, अंजना घासले तथा सुरेन्द्र कुमार पटले एवं लेखा प्रभारी राजेश ठाकुर व सहायक ग्रेड-2 फूलचंद उईके अनुपस्थित पाए गए। जिस पर कलक्टर प्रवीण सिंह द्वारा संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश देने के साथ ही संबंधित बीआरसी तथा बीओ को अधीनस्थ अमले पर नियंत्रण ना कर पाने तथा पदेन दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है, कि क्यों न उनकी एक वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए।
कक्षा में बैठकर देखा, कैसा पढ़ाते हैं शिक्षक –
कलक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच औचक निरीक्षण करते हुए माध्यमिक शाला सोनखार, प्राथमिक शाला बगलई, माध्यमिक शाला चुरनाटोला पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों से चर्चा कर प्रोत्साहन किया एवं गणित, विज्ञान विषयों के प्रश्न बच्चों से किए तथा बच्चों को आगामी परीक्षा को लेकर अच्छे से पढ़ाई करने की बात कही। कलक्टर अढ़ायच ने कक्षा मे बैठकर शिक्षकों की अध्यापन शैली का अवलोकन भी किया तथा शैली में वांछित सुधार के बारे में शिक्षक को निर्देशित करने के साथ ही बच्चों की शिक्षा में विशेष ध्यान देने की बात कही।
देरी, गैरहाजिरी पड़ेगी भारी –
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्य एवं शिक्षकों से कहा है कि ध्यान रहे कि कलक्टर के निर्देश अनुसार 15 जनवरी 2019 तक कोर्स पूरा किया जाए। रेमेडियल एवं क्रेश कोर्स संचालित करें। बच्चों का मॉक टेस्ट कराएं। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि आगामी आकस्मिक निरीक्षण में शिक्षक अथवा कर्मचारी अनुपस्थित या विलंब से उपस्थित होना पाए जाते हैं, तो उन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इससे पूर्व कलक्टर अढ़ायच द्वारा 31 दिसम्बर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोपालगंज एवं शासकीय प्राथमिक शाला हरहरपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। जिसमें 33 शिक्षक, कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनमें से 06 शिक्षक, कर्मचारी का स्पष्टीकरण समाधान कारक पाया गया। जबकि शेष 27 का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया जिसके कारण इन शिक्षकों, कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटा गया है।
इन शिक्षकों का काटा गया वेतन –
जिला शिक्षा अधिकारी एसपी लाल ने बताया कि कलक्टर के निरीक्षण दौरान गैरहाजिर रहे शिक्षकों में वरिष्ठ अध्यापक हेमन्त मरावी, वरिष्ठ अध्यापक नवीता सम्भारे, वरिष्ठ अध्यापक ज्योति उइके, अध्यापक हरिद्वार चंद्रवंशी, अध्यापक प्रदीप डहरवाल, अध्यापक आई. हैदरी, व्यायाम शिक्षक एसवाय होलू, अध्यापक सुखचैन राय, अध्यापक एसके तिवारी, सहायक शिक्षक डीएस मर्सकोले, सहायक शिक्षक एनएस जावरे, प्रधानपाठक वंदना पटले, उच्च श्रेणी शिक्षक ब्रजलाल उइके, उच्च श्रेणी शिक्षक सी. श्रीवास्तव, उच्च श्रेणी शिक्षक पीजी गोस्वामी, अध्यापक रूकमणी भांगरे, अध्यापक उमा डहरवाल, सहायक शिक्षक डीएस सनोडिया, सहायक शिक्षक ऊषा बरमैया, सहायक शिक्षक निर्मला ठाकुर, सहायक शिक्षक बिन्दा सनोडिया, सहायक शिक्षक बाबूलाल तिवारी, सहायक शिक्षक केएस मर्सकोले, सहायक शिक्षक जयराम पंचेश्वर, सहायक अध्यापक मीना उइके, अध्यापक पी. शुक्ला, सहायक ग्रेड २ एमके उपाध्याय के नाम शामिल हैं। इन सभी से अनुपस्थिति के सम्बंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जबाव चाहा गया था, जबाव संतोषप्रद नहीं पाए जाने के कारण कलेक्टर के अनुमोदन उपरांत एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई