बिना कर्ज लिए ही लिस्ट में आया नाम, सदमे में गई किसान की जान

भोपाल मध्य प्रदेश में कर्जमाफी की योजना को लेकर जारी की गई सूचियों ने कई किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इस लिस्ट में कई नाम ऐसे भी हैं, जिन्होंने कभी कर्ज ही नहीं लिया लेकिन उन्हें भी कर्जदार बना दिया गया है। इसी तरह का एक मामला सागर जिले में सामने आया, जिसके बाद सदमे में किसान की मौत हो गई।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने इस तरह की गड़बड़ियों पर चिंता जताई है। राज्य में सत्ता बदलाव के साथ कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने दो लाख तक की कर्जमाफी की योजना का किसानों को लाभ देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कर्जदारों की सूची चस्पा की है। इन सूचियों में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
ताजा मामला सागर जिले के गौरझामर क्षेत्र के सरदई गांव का है। सरदई गांव के आदिवासी मुकुंदी (65) ने नयानगर सहकारी समिति के बकायादारों की सूची में अपना नाम देखा। उनके नाम पर 5,43,366 रुपये का कर्ज दर्ज दिखा, इसे देखकर वह घबरा गए। मुकुंदी के परिजनों के अनुसार, वह इस कर्ज को लेकर परेशान हुए क्योंकि उन्होंने कोई कर्ज लिया ही नहीं था। नाम हटवाने के लिए सहकारी समिति से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मुकुंदी ने चिंता में खाना पीना तक छोड़ दिया। इसी के चलते उनका बुधवार को निधन हो गया।
सहकारी समितियों में बड़े स्तर पर हेर-फेर का आरोप
मुकुंदी के परिजनों का कहना है कि बिना कर्ज लिए कर्जदार बनाए जाने का उन्हें सदमा लग गया और उनकी मौत हो गई। देवरी के स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री हर्ष यादव का कहना है कि सहकारी समितियों में बड़े स्तर पर हेर-फेर हुई है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस तरह के कई मामले उमरिया, शहडोल जिलों से भी आए हैं, जहां किसानों ने कर्ज ही नहीं लिया और उन्हें एक से दो लाख रुपये तक का कर्जदार बताया जा रहा है।
कर्जमाफी की सूचियों से सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने कहा है, ‘जो लोग इस तरह की गड़बड़ियों में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’ ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू की है। दो लाख तक के कर्ज को माफ करने के लिए 15 जनवरी को आवेदन भरवाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। राज्य में 5 फरवरी तक आवेदन भरे जाने हैं और 22 फरवरी से कर्ज की राशि किसानों के खातों में जाने लगेगी।