नहीं चला मोदी का मैजिक, जहां पीएम गए बेड़ा गर्क

चंडीगढ़। मई 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान जिस

तरह ‘मोदी मैजिक ने हरियाणा में भाजपा को रिकार्ड जीत नसीब करवाई थी, वही मैजिक महज पांच महीनों में ही बेअसर दिखाई दिया। अक्टूबर 2019 के इस विधानसभा चुनाव में मोदी मैजिक के सहारे चुनाव लड़ सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को झटका लगा है। इस चुनाव में ’75 पार का लक्ष्य लेकर चल रही हरियाणा भाजपा 40 का आंकड़ा भी बमुश्किल छू पाई।
इस मिशन के लिए हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, सनी दओल, राजनाथ, नितिन गडकरी जैसे बड़े चेहरों समेत 40 स्टार प्रचारकों ने अपनी ताकत झोंकी थी। बावजूद इसके हरियाणा में भाजपा मनोहर जीत से दूर ही रही। दरअसल, लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद हरियाणा भाजपा खासी उत्साहित थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 79 हलकों में बढ़त हासिल की थी। इसी को देखते हुए टीम मनोहर ने इस विधानसभा चुनाव के लिए ‘मिशन 75 पार का टारगेट सेट किया था।
अब इस लक्ष्य को प्राप्त कर लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी रिकार्ड जीत हासिल करना टीम मनोहर के लिए न केवल बड़ी चुनौती थी, बल्कि भाजपा की जितवाकर सीएम मनोहर लाल को पीएम मोदी और शाह की उम्मीदों पर भी खरा उतरना था।
ऐसा रहा मोदी और शाह की रैलियों का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल्लभगढ़ में रैली की थी वहां भाजपा जीती, लेकिन दादरी में आजाद प्रत्याशी जीता। इसी तरह ऐलनाबाद में भी पीएम के प्रयास विफल रहे और वहां इनेलो जीती। रेवाड़ी में मोदी ने हुंकार भरी, लेकिन वहां कांग्रेस जीती, कुरुक्षेत्र में मोदी का प्रभाव दिखा। थानेसर समेत आसपास की कई सीटें भाजपा के खाते में आई। गोहाना में मोदी ने हुंकार भरी थी, लेकिन जीत कांग्रेस के खाते में गई। हिसार में पीएम मोदी की रैली हुई, वहां बीजेपी को जीत हासिल हुई। इसी तरह गृहमंत्री अमित शाह कैथल, लोहारू और पानीपत में रैलियां की। इन सभी सीटों पर भाजपा को जीत मिली। मगर महम और बहादुरगढ़ में अमित शाह के प्रयास विफल रहे। टोहाना, रतिया और नरवाना में अमित शाह की रैलियां रद्द हो गई थी। इन तीनों सीटों में से भाजपा को सिर्फ रतिया में ही जीत मिली। टोहाना ने भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला तक हार गए।
असरदार रही राहुल की रैलियां
कांग्रेस की ओर से बड़े स्टार प्रचारक प्रचार राहुल गांधी ही रहे। सोनिया व प्रियंका गांधी किसी कारणवश प्रचार के लिए हरियाणा नहीं आ पाई। राहुल गांधी ने नूहं और महेंद्रगढ़ में दो बड़ी रैलियां की और दोनों जगह कांग्रेस जीती। जबकि इन रैलियों का प्रभाव आसपास की सीटों पर भी देखने को मिला। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, वीरेंद्र सहवाग ने भी हरियाणा के रण में कांग्रेस की जीत के लिए पसीना बहाया।

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