शिक्षा सुधार के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू होगा स्टीम प्रोजेक्ट

भोपाल। राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा

की गुणवत्ता के लिए स्टीम प्रोजेक्ट लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राजधानी में देश और विदेश के करीब साढ़े तीन सौ शिक्षाविद् और विषय विशेषज्ञ दो दिनों तक मंथन करेंगे। यह मंथन 30 व 31 अक्टूबर को किया जाएगा। इस दौरान वे विदेशी स्कूलों में लागू किए जा रहे पढ़ाई के नए मॉडल ‘स्टीम’ (साइंस, टेक्नालाजी, इंजीनियरिंग, आटर्स एवं मैथमेटिक्स) प्रोजेक्ट पर मंथन करेेंगे। इन दो दिनों में सरकार यह समझने का प्रयास करेगी कि स्टीम प्रोजेक्ट क्या है। संभवत: पहला राज्य है जो स्टीम प्रोजेक्ट को सरकारी स्कूलों में लागू करने की तैयारी कर रहा है।
स्टीम प्रोजेक्ट को लागू करने की वजह
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्टीम प्रोजेक्ट से पहले विदेशी स्कूलों में स्टेम (साइंस, टेक्नालाजी, इंजीनियरिंग एवं मैथमेटिक्स) प्रोजेक्ट लागू किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों को छोटी कक्षा में ही विज्ञान और तकनीक का ज्ञान देना था, ताकि वे हाईटेक नालेज प्राप्त कर सकें और उनका उच्च स्तरीय विकास हो सके। वे आगे चलकर वैज्ञानिक बनें या तकनीकी में पारंगत हों लेकिन बाद में उन्हीं देशों में कहा गया कि अकेला विज्ञान और तकनीकी का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। इसके साथ आट्र्स को जोडऩा भी जरूरी है। क्योंकि अब तक बच्चे को उसकी क्रिएटिविटी से नहीं जोड़ेंगे, वह एक सीमित सोच वाला बच्चा बनेगा।

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