कौन चाहता है कि ज्योतिरादित्य की एंट्री पावर कॉरिडोर में ना हो ?

सज्जन वर्मा ने कहा कि सिंधिया विदेश दौरे पर थे, इसलिए उन्हें कर्जमाफी की सही जानकारी नहीं थी

मंगल भारत भोपाल/ मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी और अंतर्कलह के स्वर सुनाई देने लगे हैं। इस बार हाशिए पर चल रहे सिंधिया को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने तंज कसा और कहा कि उन्हें कर्जमाफी की पूरी जानकारी नहीं है। तो क्या सिंधिया अब तक बिना जानकारी के ही सरकार पर सवाल खड़े कर रहे थे।

जी हां ये सवाल इसलिए उठ खड़े हुए हैं क्योंकि सीएम कमलनाथ के सबसे विश्वस्त मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बयान ही ऐसा दे डाला। दरअसल, मीडिया से बातचीत में जब कर्जमाफी का मुद्दा उठा और सिंधिया द्वारा सरकार को घेरे जाने पर सवाल किये गये तो इनके जवाब में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अजीबोगरीब बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हाल ही में तीन बार विदेश दौरे पर गए थे। ऐसे में उन्हें ये नहीं पता कि सरकार कितने किसानों का कितना कर्जमाफ कर चुकी है।

अब सवाल ये है कि क्या सिंधिया बिना जानकारी के ही सरकार पर आरोप लगाते हैं या फिर सरकार के मंत्री सिंधिया के विदेश दौरों की आड़ में उनके ज्ञान की तौहीन कर रहे हैं। खैर सवाल ये भी है कि क्या सिंधिया के हमलों का जवाब देने के लिए सरकार ने सज्जन सिंह को नियुक्त कर दिया है। क्योंकि इन्हीं सज्जन वर्मा ने अब कांतिलाल भूरिया को पीसीसी चीफ का प्रबल दावेदार बताते हुए उन्हें इस पद के लिए परफेक्ट भी बता दिया है।

यानि इस मामले में भी कांग्रेस के बाकी दो धड़े सिंधिया की दाल नहीं गलने देना चाहते। इसीलिए बाला बच्चन के बाद अब भूरिया का नाम उछाला गया है। इस एक तीर से सरकार कई निशाने साधना चाहती है। पहला तो ये कि सिंधिया खुद या उनके खेमे से किसी को प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिल पाएगा। दूसरा भूरिया के रूप में सीएम को भी एक रबर स्टैंप मिल जाएगा। तीसरा भूरिया के नाम पर कोई खुलकर विरोध भी नहीं कर पाएगा। लेकिन अब देखना है कि सिंधिया खेमा क्या अपने महाराज पर लगातार हो रहे हमलों का कोई जवाब देगा या इसे आखिरी सितम मानकर सिंधिया खेमा इसे चुपचाप झेल जाएगा।

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