उत्तरप्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने और आरोपी आतंकियों को दबोचने वाले गुजरात पुलिस के एटीएस चीफ और कोई नहीं बल्कि विंध्य के सपूत हिमांशु शुक्ल हैं..पढ़े जयराम शुक्ल की कलम से

अपने हिमांशु हैं गुजरात एटीएस चीफ
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आतंकी इनके नाम से ही थर्राते हैं

उत्तरप्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने और आरोपी आतंकियों को दबोचने वाले गुजरात पुलिस के एटीएस चीफ और कोई नहीं बल्कि अपने विंध्य के सपूत हिमांशु शुक्ल हैं जो 2005 के गुजरात कैडर के आईपीएस हैं।

गुजरात में आतंकियों के लिए साक्षात काल के अवतार समझे जाने वाले हिमांशु को अपने काम के जुनून और दिलेरी के लिए वैसे ही जाना जाता है जैसे कि कभी पंजाब में केपीएस गिल को। हिमांशु शुक्ल रीवा जिले के कंदैला(बड़ीहर्दी) के पुस्तैनी निवासी हैं। हिमांशु के पिता आरबी शुक्ल कोल इंडिया में कार्यकारी निदेशक रह चुके है, वे फिलहाल रीवा में ही रह रहे हैं। खास बात यह खडगपुर के आईआईटियन हिमांशु का चयन आईएएस की प्रवीण्य सूची में होने के बाद भी उन्होंने पुलिस की ही नौकरी को अपना करियर बनाया।

गुजरात ATS के तेज तर्रार युवा ऑफिसर हिमांशु शुक्ला ने आतंकवाद निरोधक एजेंसी के कार्य दक्षता की परिभाषा बदल दी है. वे पहले भी हाई प्रोफाइल केसों का खुलासा कर चुके हैं. हिमांशु शुक्ला जब ट्रेनिंग ही कर रहे थे तो उत्तर प्रदेश में लूट के एक आरोपी को पकड़ते समय एनकाउंटर के दौरान उन्हें गोली लगी थी. इस चोट से उबरते हुए वे बिना रुके अपने काम में जुटे रहे.
हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या भले ही लखनऊ में हुई हो, लेकिन इस कांड के तार गुजरात के सूरत से जाकर जुड़े. इस हत्याकांड का खुलासा करने में यूपी पुलिस ने जानकारियां जुटाई तो गुजरात एटीएस इन सुरागों के आधार पर आरोपियों के गर्दन तक पहुंची. आखिरकार मंगलवार रात हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों अशफाक हुसैन (34) और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान (27) की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने इस केस को मुकम्मल अंजाम तक पहुंचा दिया.
कमलेश तिवारी हत्याकांड के खुलासे के पीछे गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला का अहम रोल रहा है. हत्या आरोपियों के सूरत से तार जुड़ते ही गुजरात एटीएस सतर्क हो गई थी. जैसे ही एटीएस को सूरत के एक दुकान में आरोपियों के होने की सूचना मिली, हिमांशु शुक्ला अपनी टीम के साथ बिना देरी किए सूरत पहुंच गए. इसी का नतीजा रहा कि हत्याकांड के मात्र 24 घंटे से पहले ही सूरत से केस के मास्टमाइंड राशिद अहमद पठान, मौलाना मोहसिन शेख और फैजान पठान को गिरफ्तार कर लिया गया.

गुजरात ATS के तेज तर्रार युवा ऑफिसर हिमांशु शुक्ला ने आतंकवाद निरोधक एजेंसी के कार्य दक्षता की परिभाषा बदल दी है. वे पहले भी हाई प्रोफाइल केसों का खुलासा कर चुके हैं. हिमांशु शुक्ला गुजरात कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. इस वक्त वे गुजरात ATS के डीआईजी हैं. उनकी पहली पोस्टिंग हिम्मतनगर में बतौर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के रूप में हुई थी. उन्होंने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग किया है.

हिमांशु शुक्ला जब 2007 में अपने करियर के शुरुआती दौर में ही थे तो गुजरात में उनके सामने एक लूट का मामला सामने आया था. इस लूट के तार उत्तर प्रदेश के एटा से जाकर जुड़े. हिमांशु शुक्ला लूट के आरोपी को पकड़ने के लिए अपनी टीम के साथ एटा आए थे. यहां पर आरोपियों से उनकी मुठभेड़ हो गई इस दौरान उन्हें गोली लगी थी. इसके बाद उन्हें आगरा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. इस चोट से उबरते हुए वे बिना रुके अपने काम में जुटे रहे.
गुजरात में क्राइम ब्रांच में रहते हुए हिमांशु शुक्ला ने कई हाई प्रोफाइल केस सुलझाए. गुजरात के 2002 दंगों से जुड़े 4 केसों की जांच जिम्मा उन्हें दिया गया था. इस मामले को उन्हें अंजाम तक पहुंचाया. इस केस के बाद उन्हें एटीएस में काम करने का मौका मिला. 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटना को सुलझाने में भी उन्होंने अहम रोल अदा किया था. गुजरात के भरूच में 2 बीजेपी नेताओं की हत्या का केस भी इन्होंने सुलझाया है.
हिमांशु शुक्ला अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी के गुर्गों और 1993 ब्लास्ट के आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुके हैं. जनवरी 2017 में हिमांशु शुक्ला ने गुजरात पुलिस के साथ मिलकर गैंगस्टर रवि पुजारी के गुर्गे सुरेश पिल्लई को गिरफ्तार किया था. इसी साल जब डॉन रवि पुजारी अफ्रीकी देश सेनेगल से गिरफ्तार हुआ था उस वक्त भी गुजरात एटीएस ने देश की खुफिया एजेंसियों को अहम इनपुट दिया था.
जून 2018 में हिमांशु शुक्ला के नेतृत्व में गुजरात एटीएस ने 1993 बंबई ब्लास्ट के आरोपी अहमद कमाल शेख उर्फ लंबू को गिरफ्तार किया था. लंबू को वलसाड से गिरफ्तार किया गया था. लंबू की गिरफ्तारी पर हिमांशु शुक्ला ने कहा कि इसके सिर पर 5 लाख का इनाम था और ये सोने की स्मगलिंग का काम करता था.
जून 2018 में हिमांशु शुक्ला के नेतृत्व में गुजरात एटीएस ने 1993 बंबई ब्लास्ट के आरोपी अहमद कमाल शेख उर्फ लंबू को गिरफ्तार किया था. लंबू को वलसाड से गिरफ्तार किया गया था.

आईपीएस हिमांशु शुक्ल को जानने के लिए नीचे यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें..और सुने गुजरात के अग्रणी टीवी चैनल को दिया गया उनका प्रेरक इंटरव्यू..

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जयराम शुक्ला

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