संजय टाइगर रिजर्व में तीन भालूओं मौत टाइगर रिजर्व प्रशासन पर सवालिया निशान संदेहवश पकड़े गए तीन आरोपियों को छुपा रखा है विभाग ने-आर.बी.सिंह राज

संजय टाइगर रिजर्व में तीन भालूओं मौत

टाइगर रिजर्व प्रशासन पर सवालिया निशान

संदेहवश पकड़े गए तीन आरोपियों को छुपा रखा है विभाग ने

आर.बी.सिंह राज। मंगल भारत सीधी
बीते बुधवार 30 अक्टूबर की रात संजय टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र वस्तुआ में तीन भालुओं की मौत के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
एक ओर जहां इसे टाइगर रिजर्व प्रशासन ने भालू के शिकार का मामला मानते हुए तीन लोगों को संदेह के आधार पर अपने गिरफ्त में ले रखा है वहीं गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजनों का आरोप है कि उनके साथ टाइगर रिजर्व के स्टाफ द्वारा बुरी तरह मारपीट की गई है तथा उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर रखा गया है। इस परिपेक्ष में गिरफ्तार किए गए संदेहियों के परिजनों ने प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज की है।
संजय टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र वस्तुआ अंतर्गत बीट लवाही में गत 30 अक्टूबर की रात तीन भालुओं की मौत हो गई जिसके संबंध में विभागीय सूत्रों की मानें तो मौत की वजह बिजली का करंट लगाया जाना बताया जा रहा है। जबकि अपनी नाकामी छिपाने कुत्ते के सहारे आरोपियों तक पहुंचने का दावा करने वाले टाइगर रिजर्व के अधिकारियों द्वारा दो व्यक्तियों को अपने गिरफ्त में लेकर मारपीट की गई। मारपीट के पश्चात उनका सामुदायिक स्वास्थ्य मझौली में स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया जहां उनके शरीर में लाठी-डंडों से मारपीट करने के निशान भी परिजनों व उपस्थित जनों द्वारा देखे गए थे। उपरांत उनके परिजनों को उनकी गिरफ्तारी वन अपराध अधिनियम के तहत किए जाने की लिखित सूचना दी गई थी।

परिजनों के आरोप गंभीर

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के संबंध में टाइगर रिजर्व पर परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ इतनी बुरी तरह मारपीट कर दी गई है कि कहीं उनकी मौत ना हो गई हो। क्योंकि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को अभी तक ना तो न्यायालय में उपस्थिति किया गया है और ना ही परिजनों से उनकी मुलाकात कराई जा रही है और उनके मौजूदगी के संबंध में परिजनों को किसी तरह की जानकारी भी नहीं दी जा रही है।

इन्हें बनाया गया है आरोपी

वस्तुआ परिक्षेत्र अंतर्गत हुई तीन भालुओं की मौत के मामले में राम कुमार यादव पिता मोहन यादव एवं राम सजीवन बैगा पिता रामलाल बैगा निवासी ग्राम लवाही को टाइगर रिजर्व के खोजी कुत्ते के द्वारा शिनाख्त के आधार पर आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दी गई थी लेकिन आरोपी कहां हैं इस संबंध में उनके परिजनों को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही है जिससे परिजन काफी भयभीत व परेशान हैं।

हमेशा संदिग्ध रही हैं टाइगर रिजर्व की गतिविधियां

उल्लेखनीय है कि संजय टाइगर रिजर्व के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में आए दिन जंगली जानवरों की लगातार हो रही मौत पर भी संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जबकि कूट रचित दस्तावेजों के जरिए आहरित बजट को ठिकाने लगाने एवं विभाग को चूना लगाने का कार्य महज किया जाता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि हाथी एवं अन्य जंगली जानवरों के आहार की खरीदी फोटो स्टूडियो से किया जाना सारी सच्चाई स्वयं बयां करती है।
इन दिनों विभिन्न परिक्षेत्रों में घटित होने वाले वन अपराध के खुलासे में वन अमला पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है वहीं कुत्ते के सहारे तमाम अपराधों के खुलासे किए जाने के दावे वन अधिकारियों के द्वारा किए जाते हैं।

बीते माह ही हुई थी बाघिन की हत्या

इसके पूर्व भी बीते माह अक्टूबर में वस्तुआ परिक्षेत्र के खोखरा बीट अंतर्गत बाघिन टी-20 के मौत के मामले में संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हुए थे।
संजय टाइगर रिजर्व में लगातार हो रहे दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों की हत्या का दौर लगातार जारी रहने से टाइगर रिजर्व प्रशासन की पूरे देश में बेज्जती होने का क्रम लगातार जारी है।
इस मामले को लेकर तमाम आला अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन किसी भी अधिकारी से न तो कार्यालय में और ना ही मोबाइल से संपर्क हो सका।
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