स्कूलों में तंबाकू खाने पर लगेगा दो सौ रुपए का जुर्माना, समितियां होगाी गठित

भोपाल (मंगल भारत)। स्कूली बच्चों को तंबाकू की लत

से दूर रखने के लिए सरकार अब तंबाकू खाने पर 200 रुपए का जुर्माना लगाने जा रही है। इसके लिए हर स्कूल में गुटखा नियंत्रण समितियों का गठन किया जाएगा। इस समिति में विधायक से लेकर सरपंच तक को सदस्य बनाया जाएगा। खास बात यह है कि स्कूल परिसर के अंदर तंबाकू-गुटखा पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। बच्चों के अलावा शिक्षक और बाहरी लोग भी स्कूलों में न तो सेवन कर सकेंगे और न ही ले जा सकेंगे। यही नहीं समिति बच्चों के तंबाकू-जर्दा सेवन पर भी नियंत्रण का काम करेगी। यह कदम केन्द्र सरकार के द्वारा सभी राज्यों को तंबाकू, गुटखा, सिगरेट मुक्त शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए निर्देश देने के बाद उठाए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर इसका नोडल एजेंसी परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण विभाग को बनाया गया है। सभी स्कूलों को इस माह के अंत तक इस गाइड लाइन पर अमल करना है।
समिति में यह होंगे सदस्य
प्रत्येक स्कूल और कक्षा में एक समिति बनाई जाएंगी। समिति में अध्यक्ष ऐसे शिक्षक को बनाया जाएगा जो गुटखा, तंबाकू, सिगरेट का सेवन नहीं करता हो। समिति में दो अभिभावक, दो छात्र, एससीसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। यह समिति इस बात की निगरानी करेंगी कि कोई बच्चा स्कूलों में गुटखा, तंबाकू, सिगरेट लेकर प्रवेश न करें और उसका सेवन भी न करे। अगर किसी बच्चे में इसकी लत है तो से छुड़ाने का समिति प्रयास करेगी।
शिक्षण संस्थाओं में लगेंगे होर्डिंग
सभी स्कूल में परिसर के अंदर और उसके बाहर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के होर्डिंग लगाना होगा। इसमें यह लिखना होगा कि स्कूल परिसर के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला व जर्दा बिक्रय करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर 200 रुपए जुर्माना लगेगा। इसके अलावा स्कूल परिसर के अंदर और भवन में जगह-जगह इस संबंध में नोटिस बोर्ड भी लगाया जाएगा।
खींची जाएंगी पीली लाइन
सभी स्कूल परिसर से 100 गज के दयरे में चारों तरफ से पीली लाइन डाली जाएगी। यह पट्टी चार इंच चौड़ी होगी। स्कूल के अंदर पीले कलर से लिखा जाएगा यह तंबाकू मुक्त क्षेत्र है। इसका फोन्ट साइज बड़ा होगा, जिससे लोगों को दूर से ही पढऩे में आ जाए।
स्कूल वाहन चालकों पर भी लगेगा प्रतिबंध
स्कूल बस चालकों पर भी गुटखा, तंबाकू, सिगरेट सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल में शिक्षकों के अलावा जो भी कर्मचारी गैर शिक्षकीय कम करते हैं उन्हें भी परिसर के अंदर इसके सेवन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मिलेगा पुरस्कार
तंबाकू प्रतिबंधित करने वाले स्कूलों को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। इसके लिए स्कूलों को हर माह स्व मूल्यांकन प्रपत्र भरकर सरकार को भेजना पड़ेगा।
50 फीसदी पुरुष खाते हैं तंबाकू
स्वास्थ्य विभाग बताया है कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार मप्र में 50 फीसदी पुरुष और 17 प्रतिशत अधिक महिलाएं तंबाकू, जर्दा चबाने के आदी हैं। इसके 14 प्रतिशत बच्चे इसकी चपेट में आ गए हैं, जिनकी उम्र 13 से 14 साल की है।

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