लोधी की विधानसभा सदस्यता रद्द के मामले में कांग्रेस-भाजपा में सियासत शुरू

भोपाल। मंगल भारत)। प्रदेश की पवई विधानसभा सीट

से भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी की विधानसभा सदस्यता शून्य कर दी गई है। विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रजापति ने तहसीलदार से मारपीट के मामले में बीजेपी विधायक को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह फैसला लिया है। इस फैसले के बाद विधानसभा सचिवालय ने कोर्ट के फैसले की कॉपी मंगाई और कुछ ही देर बाद प्रह्लाद लोधी की सदस्यता शून्य किए जाने की घोषणा कर दी। इस घोषणा से पवई विधानसभा सीट खाली हो गई है, जिस पर अब उपचुनाव कराए जाएंगे। झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम आने के तुरंत बाद इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम से भाजपा को झटका लगा है। विधानसभा में पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर अब 107 रह गई है। विधानसभा स्पीकर के निर्णय के बाद मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं ने किया विरोध
विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता शून्य होने को लेकर बीजेपी ने विधानसभा के अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने फैसले के बाद जारी बयान में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का यह निर्णय, सदन के अभिभावक के अनुकूल नहीं है। राकेश सिंह ने फैसले को अलोकतांत्रिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि पवई विधायक को न्याय के लिए हाईकोर्ट में जाने का अधिकार है और हम जाएंगे भी। स्पीकर को इस दृष्टि से भी विचार करना चाहिए था। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा स्पीकर ने राजनीतिक द्वेष से यह फैसला लिया है। प्रह्लाद लोधी के पास उच्च न्यायालय जाने का मौका है। हम इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने भी जताई नाराजगी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा सचिवालय द्वारा पवई विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता रद्द किए जाने पर कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसका पक्ष रखने का अधिकार है। किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने देना नैसर्गिक न्याय होता है। देश में कसाब और अफजल जैसे खूंखार आतंकवादी तक को सुनवाई का मौका दिया, लेकिन एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि जो जनता की सेवा में लगे रहते हैं। उनसे जुड़े मामले पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जल्दबाजी में की गई कार्रवाई निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने बिना विचार किए सरकार के दबाव में जिस तरह आनन-फानन में कार्रवाई की वह सरकार के डर को दर्शाता है। भार्गव ने कहा कि इस पूरे मामले में हम कानूनविदों से चर्चा कर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

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