पीसीसी में बड़े बदलाव की तैयारी, बनी सहमति

भोपाल (मंगल भारत)। विधानसभा चुनाव के पहले

बनाई गई प्रदेश कांग्रेस जम्बों कमेटी में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी की जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव इस माह के अंत तक किया जा सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के बीच हाल ही में हुई बैठक के दौरान सहमति बनने की खबर है। खास बात यह है कि इस बदलाव का असर प्रदेश से लेकर सेक्टर तक दिखाई देगा। बताया जा रहा है कि संगठन में होने वाले बड़े बदलाव पर श्री बाबरिया ने काम भी शुरू कर दिया है। यही वजह है कि उनके द्वारा भोपाल दौरे के दौरान उन्होंने संगठन की समीक्षा करने के साथ ही सेक्टर से भोपाल तक के कार्यकर्ताओं के कामकाज की पूरी रिपोर्ट भी मांगी है। दरअसल संगठन मंडलम और सेक्टर को और मजबूत करना चाहती है ताकि अभी से हर बूथ का मैनेजमेंट किया जा सके। जिन कार्यकर्ताओं ने चुनावों में अच्छा काम किया है उनको पदोन्नत भी किया जाएगा। सेक्टर के कार्यकर्ता को मंडलम, मंडलम से ब्लॉक और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं को जिला कमेटी में जिम्मेदारी दी जाएगी। जिले के पदाधिकारियों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में दायित्व दिया जाएगा।
युवाओं को दी जाएगी जिले की जिम्मेदारी
बदलाव के दौरान अपना कार्यकाल पूरा कर लेने वाले जिलाध्याक्षों हो प्रदेश में भेजकर उनकी जगह एआईसीसी की मंशा के मुताबिक युवाओं को जिला अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। प्रदेश में बीस से ज्यादा ऐसे जिला अध्यक्ष हैं जो पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जिलों की कमान अब कामकाज के आधार पर दी जाएगी। एआईसीसी ने तय किया है कि जिला अध्यक्ष के पद पर निर्विवाद नेता को नियुक्ति दी जाएगी। जो नेता सर्वमान्य नहीं है और जिसके साथ विवाद जुड़े हैं उनको पदाधिकारी नहीं बनाया जाएगा। हालांकि ये सारे बदलाव नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के बाद ही किए जाएंगे।
नहीं होगी नए सिरे से रायशुमारी
एआईसीसी ने ये भी साफ कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष के लिए अब नए सिरे से रायशुमारी नहीं की जाएगी। प्रदेश के बड़े नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की भी आवश्यकता नहीं है। सूत्रों की मानें तो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास सारी रिपोर्ट पहुंच गई हैं। अब उनको प्रदेश अध्यक्ष के बारे में फैसला करना है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी समन्वयकर्ता और सर्वमान्य नेता को प्राथमिकता दी जाएगी।

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