छात्रों को भ्रमण कराने के नाम पर 10 करोड़ रुपए बर्बाद करने की तैयारी

भोपाल (मंगल भारत)। एक तरफ प्रदेश के स्कूल

मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर भ्रमण के नाम पर करोड़ो रुपए बर्बाद करने की योजना को अंतिम रूप देने में लगे हैं। यह अफसर इसके पहले अध्ययन के नाम पर कई बार विदेश दौरों पर भी करोड़ो रुपए फूंक चुके हैं। दरअसल विभाग के अफसरों ने प्रदेश के सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए एमपी भ्रमण कराने की योजना तैयार की है। एक पखवाड़े के इस टूर प्रोग्राम में करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किया जाना प्रस्तावित है। प्लान में अजीब शर्त जोड़ी गई है कि छात्रों को अधिक पानी वाले स्थानों पर न ले जाएं, लेकिन भ्रमण लिस्ट में सरदार सरोवर बांध को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
हर जिले से 10 हजार बच्चे होंगे शामिल
भ्रमण के लिए एक जिले से 8 से 10 हजार तक छात्रों के नाम तय किए जाएंगे। उन छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी, जिनकी उपस्थिति अच्छी रही है। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों का चयन होगा। बालिका छात्रावासों की बालिकाओं को भी भ्रमण के लिए ले जाया जा सकेगा।
ये प्रमुख स्थल होंगे
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे आईआईएसईआर, एनआईडी, आईआईटी, एनआईटी, एनआईएलयू, होटल मैनेजमेंट, आर्मी स्टेशन। विभिन्न औद्योगिक केंद्र, प्लांट्स उदाहरण के लिए खंडवा जिले में सरदार सरोवर बांध, थर्मल पावर प्लांट्स, जिलों के इंडस्ट्रियल प्लांट्स, सिंगरौली में कोल माइंस, अन्य बड़े स्थापित उद्योग आदि शामिल हैं।
दो सौ रुपए और एक दिन में टास्क करना होगा पूरा
भ्रमण पर प्रति विद्यार्थी दो सौ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें भोजन, स्वल्पाहार, आवागमन, डाक्यूमेंट बनाना आदि शामिल होगा। स्कूलों को खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र 10 दिसंबर तक अनिवार्य रहेगा। भ्रमण के लिए छात्रों को सिर्फ एक दिन मिलेगा। छात्रों को भ्रमण के बाद पूरा वृत्तांत बताना होगा, जिसमें क्या सीखा, भ्रमण में आने वाली कठिनाइयों के साथ एक रिपोर्ट बनानी होगी, जिसमें फोटोग्राफ्स भी देने होंगे।

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