नाथ सरकार के लिए कन्यादान योजना बनी मुसीबत, 28 हजार जोड़ों के अटके 145 करोड़

भोपाल (मंगल भारत)। पिछले साल सरकार बनाने के

बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्यादान योजना की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की थी। इस घोषणा के बाद सरकार ने वाहवाही तो खूब लूटी, मगर गरीब हिंदू और मुस्लिम युवाओं पर खाली खजाने की मार पडऩे लगी है। प्रदेश के 28 हजार जोड़े सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि की बांट जोह रहे हैं और सरकार बंगले झांक रही है। खजाना खाली होने से 145 करोड़ रुपए का अनुदान कब बंटेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
अभी और बढ़ेगा आंकड़ा
अभी प्रदेश में 28 हजार से ज्यादा जोड़ों का भुगतान अटका है। सरकार को प्रति जोड़ा 51 हजार रुपए के मान से कुल 145 करोड़ का भुगतान करना है। ये शादियां जुलाई से पहले हुई थीं। सरकार की मुश्किलें और बढ़ाने वाली खबर यह है कि चार महीने के अंतराल के बाद 19 नवंबर से फिर से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में और शादियां होंगी, जिससे सरकारी खजाने पर भार और बढ़ेगा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में शादी करने वाले कुल 26 हजार 601 जोड़ों को 135 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान होना है।
आदिवासी अंचलों में सबसे ज्यादा संख्या
इनमें से सबसे ज्यादा 3478 जोड़े आदिवासी बहुल धार जिले के हैं। छिंदवाड़ा में 394 और भोपाल में 275 जोड़ों का भुगतान बकाया है। ऐसे ही मुख्यमंत्री निकाह योजना में 1881 जोड़ों को 9.59 करोड़ रुपए का भुगतान सरकार नहीं कर पाई है। इनमें सबसे ज्यादा 858 जोड़े भोपाल
जिले के हैं। विभिन्न जिलों से कलेक्टर और कांग्रेस के जनप्रतिनिधि सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के अफसरों पर बकाया भुगतान जल्द किए जाने को लेकर दबाव बना रहे हैं।
2006 में शुरू हुई थी योजना
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना वर्ष 2006 में शुरू की थी। वर्ष 2015 में इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना कर दिया गया था। इस योजना में शादी व निकाह करने वाले जोड़ों को 28 हजार रुपए अनुदान राशि दी जाती थी। कांग्रेस ने अपने चुनावी वचन पत्र में इस योजना में जोड़ों को 51 हजार रुपए अनुदान राशि देने का वादा किया था। सत्ता में आते ही सरकार ने अपने वादे पर अमल करते हुए योजना में अनुदान राशि बढ़ा थी। अधिकृत सूत्रों का कहना है कि सरकार ने अगस्त में सामाजिक न्याय विभाग को करीब 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया था। यह राशि मुख्यमंत्री कन्या विवाह व निकाह योजना में शादी करने वाले जोड़ों को बांट दी गई थी।
कन्या के खाते में जमा होते हैं 48 हजार रुपए
योजना में दी जाने वाली 51 हजार रुपए की अनुदान राशि में से सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए अधिकृत निकायों को हर कन्या के विवाह के लिए 3 हजार रुपए की राशि दी जाती है। जबकि शेष 48 हजार रुपए की राशि कन्या के बचत खाते में ट्रांसफर होती है। आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा के तहत होने वाले एकल या सामूहिक विवाह को भी कन्या विवाह सहायता की राशि दी जा रही है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा राशि बकाया
जिला जोड़े बकाया राशि
धार 3479 17.74
दमोह 1857 9.40
सागर 1587 8.09
झाबुआ 1565 7.98
खरगोन 1090 5.55
सिंगरौली 1089 5.55
छतरपुर 1076 5.48
खंडवा 1059 5.40
इंदौर 997 5.08
बालाघाट 920 4.68
(बकाया राशि करोड़ रुपए में)

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