रजनीकांत अगले साल घोषित करेंगे पार्टी का नाम

चेन्‍नै। दक्षिण भारतीय फिल्‍मों के सुपरस्‍टार रजनीकांत

जल्‍द ही अपने राजनीतिक अवतार में दिखाई दे सकते हैं। फिल्‍मी पर्दे पर लोगों का दिल जीतने के बाद अब थलाइवा रजनीकांत तमिलनाडु की सियासत पर छाने के लिए कमर कस चुके हैं। रजनी के करीबी सूत्रों ने बताया कि तमिल सुपरस्‍टार अगस्‍त-सितंबर 2020 तक अपने राजनीतिक दल का ऐलान कर देंगे। सूत्रों के मुताबिक, रजनीकांत अपनी पार्टी की राजनीतिक रणनीति के मसौदे को बनाने के लिए कई बीजेपी नेताओं के साथ भी संपर्क में हैं।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी की नीतियों और उद्देश्‍यों को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। पार्टी के लॉन्‍च किए जाने के बाद रजनीकांत के फैन क्‍लब रजनी मक्‍कल मंदरम को नया नाम मिल सकता है। उन्‍होंने बताया कि डीएमके नेता एम करुणानिधि और एआईएडीएमके की महासचिव जे जयललिता के निधन के बाद राज्‍य में पैदा हुए राजनीतिक शून्‍य को भरने के लिए रजनीकांत दृढ़ प्रतिज्ञ हैं।

‘पार्टी का ऐलान अगले साल होगा’
रजनीकांत से बातचीत करने वाले लेखक तमिलरुवी मनियान ने कहा, ‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि रजनीकांत अगले साल अपने राजनीतिक दल का ऐलान करेंगे। वह वर्ष 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अलायंस का नेतृत्‍व करेंगे।’ मनियान ने कहा कि रजनीकांत विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके और डीएमके के अलावा बीजेपी को भी राज्‍य से साफ कर देंगे।

राजनीतिक गलियारों में बीजेपी का ‘स्‍वाभाविक सहयोगी’ कहे जाने के बाद गत 8 नवंबर को रजनीकांत ने कहा था कि उनका भगवाकरण नहीं किया जा सकता है। इस तरह रजनीकांत ने अपने इस बयान के जरिए बीजेपी को स्‍पष्‍ट संदेश दिया था। मनियान ने कहा, ‘मेरा पूरा मानना है कि एक मजबूत और वास्‍तविक नेता के लिए तमिलनाडु में जगह है।’ सूत्रों ने बताया कि रजनीकांत इस बयान के बाद भी बीजेपी के लिए विकल्‍प खुले रखेंगे।

बीजेपी नेताओं के संपर्क में रजनीकांत
सूत्रों ने यह भी बताया कि रजनीकांत अपनी पार्टी की राजनीतिक रणनीति के मसौदे को बनाने के लिए कई बीजेपी नेताओं के साथ संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि फिल्‍म स्‍टार केंद्र के समक्ष तमिलनाडु के समर्थन कुछ महत्‍वपूर्ण मांगें कर सकते हैं। रजनी के एक करीबी सूत्र ने कहा, ‘अगर मोदी सरकार इन मांगों को मांग लेती है तो यह न केवल रजनीकांत बल्कि बीजेपी और तमिल लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा।’ इन मांगों में नदियों को जोड़ना, हाइड्रोकार्बन प्रॉजेक्‍ट को रद्द करना शामिल हैं।

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