मप्र में टल सकते हैं पंचायत चुनाव

भोपाल (मंगल भारत)। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को

लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। गांवों में पंचायत चुनाव लडऩे के इच्छुक लोगों ने व्यक्तिगत तौर पर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। उन्हें बेसब्री से चुनाव निर्धारित समय पर होने का इंतजार है। पंचायतों का कार्यकाल मार्च, 2020 में पूरा हो रहा है, लेकिन मार्च में पंचायत चुनाव होने के आसार नहीं हैं, क्योंकि अभी पंचायतों की मतदाता सूची तैयार नहीं हो पाई है। पंचायतों की मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन किया जा चुका है। इसका अंतिम प्रकाशन दिसंबर के आखिर में होगा। इसके बाद चुनाव संबंधी अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पंचायतों के चुनाव नगरीय निकाय चुनावों के बाद कराए जाएंगे। इस तरह पंचायत चुनाव में कम से कम छह महीने का वक्त लग जाएगा। चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। जानकारी के मुताबिक पंचायतों का कार्यकाल मार्च में पूरा हो रहा है। तब तक पंचायत चुनाव कराए जाना संभव नहीं है। इसलिए मार्च में सरकार इनके कार्यकाल में छह महीने की बढ़ोत्तरी कर सकती है।
प्रदेश में करीब 23 हजार ग्राम पंचायतें हैं।
निकायों में प्रशासक नियुक्त होंगे
मप्र राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों में भी जुटा है। नगरीय निकायों की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। निकायों का परिसीमन फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद आयोग चुनाव संबंधी अन्य औपचारिकताएं पूरी करेगा, इसलिए नगरीय निकायों के चुनाव भी निर्धारित समय पर होने के आसार नहीं हैं। नगरीय निकायों का कार्यकाल जनवरी-फरवरी, 2020 में पूरा हो रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने कोर्ट द्वारा नगरीय निकायों के परिसीमन पर रोक लगाए जाने के सवाल के जवाब में कहा कि जवाब तैयार किया जा रहा है, जल्द ही इसे कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।

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