एक दशक बाद फिर बोर्ड कराएगा पांचवीं एवं आठवीं की परीक्षाएं

भोपाल (मंगल भारत)। दस साल बाद बदले नियम में

पांचवीं एवं आठवीं के विद्यार्थियों को फेल किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र स्कूल के शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को पत्र भेज रहा है। अभिभावक इस पत्र पर हस्ताक्षर कर स्कूलों में जमा करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग इस सत्र से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं व आठवीं कक्षा के बच्चों के परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन किया है। सत्र 2019-20 में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा में अगर बच्चे फेल हो गए तो उन्हें उसी सत्र में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दोबारा ली गई परीक्षा में पास होने पर उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया जाएगा। यदि बच्चे दूसरी बार में भी फेल हो गए तो फिर उन्हें अगले सत्र में उसी कक्षा में पढऩा होगा।
ऐसे होगी परीक्षा
पांचवीं-आठवीं के बदले नियम में परीक्षा का नाम बोर्ड पैटर्न पर दिया है। परीक्षा में मान लीजिए दोनों कक्षाओं में बच्चे पूरे विषय में भी फेल हो जाते हैं तो वे रिजल्ट आने के दो माह बाद दोबारा परीक्षा देंगे। इसके अलावा एक या दो विषय में फेल होते हैं तो भी दो माह बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी। इस अंतराल में बच्चों की अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। अगर दूसरी बार ली गई परीक्षा में भी बच्चे फेल हो जाते हैं तो उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभिभावकों को लिखा पत्र, बच्चों को रोज भेजें स्कूल
राज्य शिक्षा केंद्र की संचालिका आईरीन सिंथिया जेपी ने अभिभावकों के नाम पत्र लिखकर बोर्ड पैटर्न पर आयोजित परीक्षा से संबंधी जानकारी दी है। पत्र में बच्चों को रोज स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया है। साथ ही बताया गया है कि आरटीई नियम लागू होने के बाद से बच्चों को पहली से आठवीं तक फेल नहीं करने का नियम था। अब पांचवीं-आठवीं में इसे बदल दिया गया है। अभिभावक भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर कर स्कूलों में जमा करेंगे। जिससे अभिभावकों को पता रहे कि इस बच्चे की पढ़ाई नहीं करवाई, तो उसे फेल किया जा सकता है।

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