सिंधिया के केंद्र में मंत्री बनने की अटकलें तेज

भोपाल (मंगल भारत)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के

वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कल अचानक अपना ट्विटर स्टेटस बदलने के बाद मध्यप्रदेश में सियासत गरमा गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सिंधिया और भाजपा के बीच अंदरूनी समझौता होने की चर्चा चल रही है। केन्द्र की मोदी सरकार सिंधिया को अपने मंत्रीमंडल में शामिल कर केन्द्रीय मंत्री बना सकती है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सिंधिया ने जिस तरह से पार्टी लाइन से अलग जाकर मोदी सरकार को समर्थन दिया था, तभी से यह कयास लगने लगे थे कि सिंधिया का झुकाव भाजपा की तरफ हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सिंधिया परिवार भाजपा के साथ 50 साल से जुड़ा हुआ है। माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया ही कांग्रेस से जुड़े हुए थे। अब ट्विटर स्टेटस बदलने के बाद इस संभावना को बल मिलने लगा है। कहा यह भी जा रहा है कि सिंधिया के कांग्रेस छोडऩे के बाद मप्र में उनके समर्थक मंत्री और विधायक भी कांग्रेस से इस्तीफा देंगे, जिससे कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो भाजपा मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के प्रयास में जुट गई है। अगले माह होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा कुछ बड़ा कर सकती है। हालांकि भाजपा की इस संभावित रणनीति को लेकर प्रदेश की कमलनाथ सरकार भी सजग हो गई है और सभी विधायकों को एकजुट रखने की कवायद में जुट गई है।
क्यों नाराज हैं सिंधिया
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार सिंधिया के इस ट्वीट को लंबे समय से पार्टी से चल रही नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी और सिंधिया में तनातनी चल रही है। वे सीएम बनना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने कमलनाथ को यह मौका दे दिया। इसके बाद उन्हें मप्र पीसीसी चीफ बनाने की मांग उठी, इसके लिए समर्थक मंत्रियों और नेताओं ने भी खुलकर इसका समर्थन किया और हाईकमान से मांग की प्रदेश की कमान सिंधिया को सौंपी जाए। इसको लेकर खूब बवाल भी मचा, लेकिन तब भी पार्टी ने कोई फैसला नहंीं लिया। इसके बाद उनके भाजपा में जाने की अटकलें को बल मिल रहा है।
सवाल यह भी
ऐसे में सवाल यह है ट्वीट में कांग्रेस से किनारा करने के पीछे सिंधिया की मंशा क्या है, यह तो उनके सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा? लेकिन सिंधिया के पीएम मोदी से मुलाकात की खबरों और टवीट से भोपाल से दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सियासी महकमे में इसको सिंधिया के टवीट को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। सवाल यह भी पूछे जा रहे हैं कि कहीं सिंधिया कांग्रेस को अलविदा तो नहीं कह रहे हैं… वे इस तरह से भाजपा में जाने का मन नहीं बना चुके हैं..।

x

Check Also

स्कूली शिक्षा विभाग के लिए परीक्षा नहीं, डांस जरूरी

भोपाल। नवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को अद्र्धवार्षिक परीक्षा देना अनिवार्य नहीं है, लेकिन डांस सिखाना विभाग ने सर्वोच्च ...