तीन जनवरी को लगेगी अफसरों की क्लास

कमलनाथ समीक्षा कर देंगे नए साल का लक्ष्य, अफसर कर सकेेंगे नाथ से वन टू वन मुलाकात 


भोपाल (मंगल भारत)। नए साल के तीसरे ही दिन मुख्यमंत्री कमलनाथ अधिकारियों की क्लास लगाने जा रहे हैं। शाम छह बजे से होने वाली इस बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को बुलाया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री नए साल में किए जाने वाले कामों का लक्ष्य बताकर उसका रोडमैप सामने रखेंगे। वहीं अधिकारियों के साथ वन-टू-वन मुलाकात भी करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री तीन दिसंबर को भोपाल लौटेंगे। नए साल में कामकाज की शुरुआत वे मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक से करेंगे। बैठक की तैयारियों को लेकर मुख्यसचिव एसआर मोहंती ने सभी विभागों से 31 जनवरी तक आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी मांगी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ बैठक में वर्ष 2020 में सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही सरकार के एक वर्ष के दौरान रह गई कमियों को भी सामने रखा जाएगा। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय प्रबंधन की है। इसी करण बजट चर्चा में सभी विभागों को अतिआवश्यक कार्यों के लिए ही राशि मांगने को कहा गया है। अधिकतर विभागों को बजट में बीस फीसदी कटौती करने को कहा गया है। इसको लेकर सभी विभागों को आय के स्रोत बढ़ाने और मितव्ययिता के टिप्स दिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री से तीन दिसंबर को जो भी अधिकारी मिलकर अपनी बात रखना चाहता है, इसके लिए वे वन-टू- वन मुलाकात भी करेंगे।
4 जनवरी को होगी कैबिनेट
सूत्रों की माने तो नए साल में कमलनाथ कैबिनेट की पहली बैठक चार जनवरी को मंत्रालय में होगी। इसमें उद्योगों को समयबद्ध स्वीकृति से जुड़े कानून का मसौदा मंजूरी के लिए लाया जा सकता है। उद्योग विभाग इसे अध्यादेश के जरिए लागू करने की तैयारी कर रहा है। डॉक्यूमेंट में औद्योगिक विकास संबंधी जो प्रमुख योजनाएं गिनाईं हैं, उसमें भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे को विश्वस्तरीय औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का संकल्प जताया है। यह भी दावा किया गया है कि इससे जुड़े सभी जिलों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और प्रदेश की इकोनॉमी और रोजगार बढ़ाने में उनकी प्रमुख भूमिका रहेगी। राज्य सरकार के संकल्पों के इस प्रमुख दस्तावेज में प्रदेश की राजधानी भोपाल और व्यावसायिक राजधानी इंदौर को विश्वस्तरीय फर्राटा सडक़ से जोडऩे वाले प्रोजेक्ट को शामिल करना आश्चर्य के रूप में देखा जा रहा है। पूरा प्रोजेक्ट प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की योजना है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस परियोजना को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए इसके जरिए नई आर्थिक गतिविधियां शुरू करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने विश्व स्तरीय कॉरिडोर बनाने के निर्देश भी दिए थे। मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के समक्ष फीडबैक इंफ्रा लिमिटेड ने सडक़ निर्माण को लेकर पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन भी दिया था, लेकिन तीन महीने पहले केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय ने इस मंडीदीप से करनावद गांव तक 146 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से एकाएक हाथ खींच लिए थे, जिसके बाद राज्य सरकार को भी पीछे हटना पड़ा। उसके बाद सरकार ने भोपाल-इंदौर की मौजूदा फोरलेन सडक़ को ही सिक्सलेन में बदलने के लिए सर्वे करने को कहा था। इस प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपए खर्च अनुमानित है।

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