भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए आम राय बनाने का जिम्मा तोमर को

भोपाल (मंगल भारत)। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर

किसी एक नाम पर सहमति न बन पाने की वजह से संगठन की निर्वाचन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सत्ता से बाहर होने के बाद कई बड़े नेता इस पद के लिए पूरी ताकत से दावेदारी कर रहे हैं। इस हालात के चलते अब संगठन ने एक नाम पर सहमति बनाने का जिम्मा केन्द्रिय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंप दिया है। यही वजह है कि हाल ही में वे तीन दिवसीय प्रवास पर भोपाल आए तो प्रदेशध्यक्ष के लिए गतिविधियां बढ़ गई। हालांकि पार्टी ने श्री तोमर को यह जिम्मा अघोषित तौर पर सौंपा है। प्रवास के दौरान तोमर ने अलग-अलग नेताओं से मिलकर किसी एक नाम पर सहमति बनाने के प्रयास भी किए हैं। दरअसल भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के तहत प्रदेशध्यक्ष के लिए चुनाव होने हैं, पर किसी एक नाम पर सहमति बनाने के कारण चुनाव की तारीख अटकी हुई है। माना जा रहा है कि जो भी मनोनीत अध्यक्ष होता है, उसे अगली बार अध्यक्ष बनने का मौका मिलता है। ऐसे में मौजूदा प्रदेशध्यक्ष राकेश सिंह स्वाभाविक दावेदार हैं। हालाकि इस पर की दौड़ में कई नेता शामिल हैं। इधर पार्टी के वरिष्ठ नेता राम माधव इसके लिए इंदौर, उज्जैन और दिल्ली में प्रदेशध्यक्ष को लेकर रायशुमारी भी कर चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व भी अपने-अपने स्तर पर विचार विमर्श कर चुके हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं जिस तरह से एक और राज्य झारखंड के हांथ से सत्ता निकल गई है। उसे केंद्रीय नेतृत्व भी चिंतित हो गया है। पिछले एक साल से भाजपा सत्ता से बाहर है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व मप्र में कांग्रेस की चुनौती स्वीकार करने और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए उसे स्वीकार्य नेता की जरूरत है। नेतृत्व को भी इस बात का एहसास है कि मप्र में भी कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। चुनाव हारने के बाद से पार्टी में गुटबाजी सामने आई है। यही बजह है कि पार्टी नेतृत्व ने पार्टी के सभी खेमों में सहमति बनाने की जिम्मेदारी पार्टी के सबसे भरोसेमंद नेता नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी है।

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