प्रदेश में हर रोज 12 युवतियां हो रहीं बलात्कार का शिकार

भोपाल (मंगल भारत)। सरकारों के तमाम दावों के बीच

प्रदेश में हर रोज औसतन 12 महिलाएं और किशोरियां बलात्कार का शिकार हो रही हैं। यह खुलासा हुआ है स्टेट क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों से। इन आंकड़ों में बताया गया है कि बीते एक साल के दौरान करीब बलात्कार की 4 हजार 216 वारदातें महिलाओं और बालिकाओं के साथ हुई हैं। यही नहीं प्रदेश में पिछले 5 सालों में महिलाओं के साथ हुई आपराधिक घटनाओं में 5651 महिलाओं की जान ली। अवैध संबंध, घरेलू कलह व दहेज मौतों का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आया। स्टेट क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो के आंकड़ों में हत्या के अलावा, अपहरण, रेप, आत्महत्या के लिए प्रेरित करना, देहज प्रताडऩा, लूट-चैन स्नेचिंग, जान से मारने की धमकी जैसे कई मामले भी सामने आए। इसमें भी ऐसे आंकड़े हैं, जिन्हें देखकर मप्र में महिलाओं में साथ हो रही घटना की स्थिति सामने आती है।
बलात्कार और अपहरण के आंकड़े चौंकाने वाले
प्रदेश में हर साल महिलाओं के साथ होने वाले बलात्कार और अपहरण के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यदि साल 2019 की बात की जाए तो अपहरण की 7 हजार 698 और बलात्कार की 4 हजार 216 वारदातें महिलाओं और बालिकाओं के साथ हुई है। यही नहीं मप्र में हर साल महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं के 50 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रेप, लूट, चैन स्नैचिंग, जान से मारने की धमकी, छेड़छाड़, वेश्यावृत्ति, खदीना-बेचना, शीलभंग जैसे कई ऐसे मामले हैं, जिसकी रिपोर्ट थानों में दर्ज हैं।
82 महिलाओं की हर साल जाती है जान
प्रदेश में औसतन 82 महिलाओं की मौत हर माह हो रही है। 641 महिलाएं अपहरण, 360 महिलाएं रेप का शिकार हो रही है। दहेज प्रताडऩा 428 मामले हर माह आ रहे हैं।

x

Check Also

देवार्थ नौढिया के तेंदूपत्ता श्रमिकों को हो सत्रह लाख रुपए का भुगतान- उमेश तिवारी। तेंदूपत्ता तोड़ाई में कोरोना कहर की बाधा, गरीब का गड़बड़ हुआ चौमासा।

देवार्थ नौढिया के तेंदूपत्ता श्रमिकों को हो सत्रह लाख रुपए का भुगतान- उमेश तिवारी। तेंदूपत्ता तोड़ाई में कोरोना कहर की ...