रोजगार मामले में देश के औसत को पीछे छोड़ा मप्र ने

भोपाल। देश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के बीच मप्र

को लेकर अच्छी खबर आयी है। यह खबर है रोजगार को लेकर, मप्र ने रोजगार के मामले में देश के औसत को पीछे छोड़ दिया है। श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक देश की तुलना में मध्यप्रदेश में बेरोजगारों की संख्या कम है यानी यहां के लोगों के हाथों में ज्यादा काम है। श्रम ब्यूरो के मुताबिक देश में 47 फीसदी लोगों के पास काम है जबकि 53 फीसदी बेरोजगार हैं। वहीं प्रदेश में 54 फीसदी लोगों के पास रोजगार है जबकि 46 फीसदी बेरोजगार हैंं। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कामगारों की संख्या बढ़ी है। यानी महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिल रहा है। यहां पर कुल श्रमिकों में हर चौथी महिला है। गांवों में 26 फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं वहीं शहरों में ये दर 14 फीसदी है। केंद्र सरकार के रोजगार सृजन कार्यक्रम, ग्रामीण कौशल्या योजना और शहरी आजीविका मिशन की ताजा रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने अच्छा प्रदर्शन किया है और रोजगार में बड़ा इजाफा हुआ है। इन आंकड़ों से उत्साहित सरकार ने विजन डाक्यूमेंट में ग्रामीण रोजगार पर खास ध्यान दिया है।
प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में रोजगार सृजन 50 फीसदी अधिक
केंद्र के प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी पीएमईजीपी में मध्यप्रदेश ने बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है। इस कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट में प्रदेश ने पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा रोजगार पैदा किए हैं। साल 2017-18 में 14432 लोगों को रोजगार मिला था जबकि 2018-19 में ये संख्या बढक़र 20208 पर पहुंच गई। साल 2019-20 में अब तक इस योजना के तहत 5552 लोग काम पर लग गए हैं।
ग्रामीण कौशल्य योजना में बढ़ा रोजगार
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में मध्यप्रदेश आगे रहा है। साल 2017-18 में प्रदेश में इस योजना के तहत 1823 लोगों को रोजगार हासिल हुआ था जबकि 2018-19 में ये संख्या बढक़र 2098 पर पहुंच गई है। साल 2019-20 में इस योजना के तहत और ज्यादा रोजगार की संभावना है। इस साल अब तक 1587 लोगों को रोजगार मिल चुका है।
शहरी आजीविका मिशन में तीन गुना वृद्धि
प्रधानमंत्री शहरी आजीविका मिशन के तहत मध्यप्रदेश में ट्रेंड वर्कर्स यानी कुशल श्रमिकों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। साल 2017-18 में 3039 लोगों को इस योजना के तहत रोजगार मिला था जबकि 2018-19 में ये संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। मिशन के तहत प्रदेश सरकार 31633 लोगों को काम पर लगा चुकी है।
सरकार के प्रयास
रोजगार के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनको विजन डाक्यूमेंट में और आगे बढ़ाया जा रहा है। कौशल उन्नयन के तहत युवाओं को ट्रेंड कर काम में लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के तहत भी युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। निवेश के जरिए भी सरकार रोजगार पर फोकस कर रही है। सरकार ने 70 फीसदी स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का नियम भी बनाया है।

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