हनीट्रैप मामले में अब रसूखदारों की मुश्किलें बढऩा तय, आईटी करेगी तलब

भोपाल (मंगल भारत)। हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार चार

में से तीन युवतियों से अब तक हुई पूछताछ में आयकर विभाग को कई रसूखदारों के मामले में चांैकाने वाली जानकारियां मिली हैं। इससे एसआईटी जांच में राहत पाने वाले आला अफसरों की मुश्किलें बढऩा तय है। आयकर विभाग ने इस मामले की एक और मास्टर माइंड श्वेता स्वप्निल जैन से करीब छह घंटे तक पूछताछ की है। अब उसके साथ ही श्वेता विजय जैन और आरती दयाल के जवाबों को क्रॉस चेक कर आयकर विभाग उन रसूखदारों तक पहुंचेगा, जिनको ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठे गए थे। इस मामले में अब महिलाओं के सीए से भी लेन-देन को लेकर पूछताछ की जाएगी। बताया जा रहा है कि महिलाओं ने कुछ नामों का खुलासा किया है। ऐसे में कुछ नौकरशाहों, नेताओं को भी पूछताछ के लिए आयकर मुख्यालय बुलाया जा सकता है। आयकर विभाग ने समन जारी कर तीनों महिलाओं को अलग-अलग तारीखों में तलब किया था। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद श्वेता विजय जैन सोमवार को आयकर अधिकारियों के सामने हाजिर हुई थी। उसे इंदौर जेल से लाया गया गया था। दिन भर उससे पूछताछ की गई। अगले दिन आरती दयाल पहुंची थी। उससे भी सवालों का दौर चला। फिर बीते रोज श्वेता स्वप्निल जैन को आयकर मुख्यालय लाया गया।
चुप्पी साधी रही श्वेता
पुलिस श्वेता स्वप्निल जैन को आयकर मुख्यालय में पीछे के गेट से लाया गया। उसने दुपïट्टे से मुंह ढंक रहा था। इस दौरान मीडिया ने उससे कई सवाल पूछे पर वो पूरे समय चुप्पी साधी रही। इसके बाद उसे इंवेस्टिगेशन विंग ले जाया गया। वहां बंद कमरे में उससे करीब छह घंटे सवाल पूछे गए। मुख्यालय से बाहर निकलने पर भी मीडिया ने उससे कई सवाल किए पर उसने जवाब नहीं दिया।
नौकरशाह, इंजीनियर और नेताओं को किया ब्लैकमेल
हनीट्रैप मामले में एसआईटी की ओर से कोर्ट में पेश चालान में श्वेता विजय जैन और आरती दयाल के करोड़ों के लेन-देन में शामिल होने का जिक्र किया गया है। एक आईएएस अफसर से एक करोड़ रुपए लेने का भी उल्लेख है। इंदौर नगर निगम के इंजीनियर को ब्लैकमेल कर दो करोड़ रुपए देने का दबाव बना रही थी। एसआईटी को श्वेता विजय जैन के पास से 14.70 लाख व 47.60 लाख रुपए कैश और करीब 27 लाख रुपए की ज्वेलरी मिली थी। आरती दयाल के बैंक खाते में 13.98 लाख व कैश 34400 रुपए मिले थे। इसके अलावा एक लाख रुपए मूल्य के गहने जप्त किए थे।
लेनेदेन में शामिल हर व्यक्ति आईटी के राडार पर
इस मामले में पैसे लेने वालों और देने वालों पर आयकर विभाग की नजर है। फिलहाल लेन-देन में शामिल रही तीनों मुख्य महिलाओं से पूछताछ हो चुकी है। इनसे मिली जानकारी के आधार पर ट्रांजेक्शन में शामिल रहे और भी लोगों को विभाग तलब कर सकता है। इंवेस्टिगेशन विंग के अफसर भी कह रहे हैं कि हमारी दिलचस्पी केवल पैसों का लेन-देन करने वालों में है। पता लगाना है कि यह पैसा कहां से आया और इसका रिटर्न फाइल किया या नहीं।

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