खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा घरों का बजट

भोपाल। बीते माह से लगातार खुदरा वस्तुओं के दामों में

हो रही लगातार वृद्धि ने आम आदमी का घरेलू बजट बुरी तरह से बिगाड़ दिया है। हालत यह है कि रोज उपयोग में आने वाली वस्तुओं में शामिल आलू-प्याज, खाद्य तेल शक्कर, दाल, आटा जैसी वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हालात यह है कि दिसंबर से अब तक लगभग सभी उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में 7 से 13 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। नवंबर में इन वस्तुओं के दाम 11 प्रतिशत बढ़े थे। महंगाई की सबसे ज्यादा असर किचन पर पड़ा है। खाद्य पदार्थों में आई महंगाई को जानकार मौसमी बता रहे हैं, जो समय के साथ नीचे आएगी।
मार्च तक महंगाई दर रहेगी 7 फीसदी से अधिक
महंगाई के बीच रिजर्व बैंक के लिए नीतिगत दरों में कटौती करना संभव नहीं लग रहा है। दिसंबर की बैठक में भी रिजर्व बैंक ने दरों में बदलाव नहीं किया था। अगली बैठक फरवरी के पहले सप्ताह में होगी। सीबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस परिस्थिति में लग नहीं रहा है कि रिजर्व बैंक रेट में कटौती का फैसला लेगा। महंगाई को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च तक खुदरा मुद्रा स्फीति सात प्रतिशत से ऊपर रह सकती है।
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ी महंगाई
खुदरा महंगाई दर को राष्ट्रीय औसत भले ही बढक़र 7.37 प्रतिशत हो गया हो, पर राजस्थान और मध्यप्रदेश में महंगाई बढऩे की दर इससे ज्यादा रही। इसका मतलब यह है कि दोनों राज्यों में महंगाई पूरे देश में मुकाबले कहीं अधिक बढ़ी। उधर, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में महंगाई बढऩे की दर से काफी कम रही। छत्तीसगढ़ के नीचे केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के अलावा बिहार रहे। बिहार में महंगाई दर सबसे कम बढ़ी है।

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