बेरोजगार हुआ पीईबी, नहीं मिला परीक्षा कराने का जिम्मा

भोपाल (मंगल भारत)। दशकों से सरकारी नौकरियों में

भर्ती का जिम्मा उठाने वाला व्यापमं (अब पीईबी) पर ही खुद बेरोजगारी का खतरा बना हुआ है। अपनी कार्यप्रणाली के चलते देशभर में बदनाम हो चुके इस संस्थान का सरकार ने भले ही नाम बदल दिया है, लेकिन अब भी लोगों को उस पर भरोसा नहीं हो पा रहा है। हालात यह हो गए हैं कि अब पिछले दो साल से वह बुरी तरह से बदहाली के दौर से गुजर रहा है। इससे परेशान पीईबी अब परीक्षाओं के लिए सरकारी विभागों के चक्कर पर चक्कर काट रहा है। पीईबी परीक्षाओं की डिमांड भेजने के लिए सभी विभागों को पत्र पर पत्र लिखने को मजबूर हो गया है। वजह यह है कि पीईबी के पास इस समय कोई काम नहीं है। इस साल प्राइमरी शिक्षक पात्रता परीक्षा ही मिल पाई है। पिछले साल भी स्कूल शिक्षा विभाग की दो परीक्षाएं ही पीईबी करा पाया था। ये वे परीक्षाएं थीं, जो वर्ष 2018 में तय हो गईं थी। वर्ष 2019 में पीईबी के पास एक भी नई परीक्षा नहीं आई थी। इसके चलते पीईबी की स्थिति खराब होती जा रही है। उधर, सरकार भी पीईबी को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। न तो सरकार अपने स्तर पर पीईबी में कोई सुधार कर रही है और न ही उसे बंद किया जा रहा है। गौरतलब है कि पीईबी के पास पिछले साल 12 परीक्षाओं की डिमंाड आई थी, लेकिन इनमें से एक भी विभाग ने डिमांड के बाद परीक्षाएं कराने की सहमति पीईबी को नहीं दी थी। इसके चलते पीईबी पिछले साल एक भी परीक्षा नहीं करा पाया। इसका सबसे बड़ा असर सरकारी विभागों की भर्तियों पर पड़ा। सरकारी विभाग भी अपने स्तर पर परीक्षाएं नहीं करा पा रहे हैं। इस हालात के चलते कई विभागों को कर्मचारियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस विभाग की परीक्षा भी अटकी
पुलिस विभाग में ही करीब 9 हजार पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन इस पर सरकार फैसला नहीं कर पा रही है कि वह इसे पीईबी से कराए या खुद पुलिस विभाग से ही कराए। इसके चलते यह परीक्षा भी अभी अटकी हुई है। पुलिस विभाग में वर्ष 2017 से बड़े स्तर पर भर्ती नहीं हुई है। इस तरह भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लग जाने से बेरोजगारों की संख्या भी बढ़ रही है।
कार्यक्रम के बाद नहीं हुई परीक्षा
पिछले साल पीईबी ने शुरुआत में परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था। इसके मुताबिक पीईबी को सालभर में 12 परीक्षाएं करानी थीं, लेकिन पीईबी एक भी परीक्षा नहीं करा पाया था। दरअसल विभाग पीईबी से अब परीक्षा कराने को तैयार नहीं है। इस वजह से यह स्थिति बन गई है। इस साल तो विभाग के पास कोई एग्जाम नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग ही पहले तय परीक्षाएं करा रहा है। अन्य विभाग परीक्षाएं कराने को तैयार नहीं हैं। इस वजह से पीईबी की परेशानियां अब बढ़ती जा रही हैं।
परीक्षाओं के अभाव में हो रहे ओवरएज
स्कूल शिक्षा विभाग को छोड़ दिया जाए, तो अन्य किसी भी विभाग में डेढ़ साल से कोई भर्ती नहीं हुई है। इससे तैयारी करने वाले बेरोजगार अब ओवरएज होने लगे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अगर कोई बड़ी भर्ती होती है, तो उसके लिए हजारों छात्र अपात्र हो जाएंगे।

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