प्रदेश में सिंचाई के लिए नहीं मिलेंगे नए कनेक्शन, सोलर एनर्जी का करना होगा उपयोग

भोपाल (मंगल भारत)। बिजली कंपनियों के बढ़ते घाटे

को कम करने के लिए अब प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए नए बिजली कंनेक्शन नहीं मिल सकेंगे। उन्हें सिंचाई के लिए सोलर एनर्जी का उपयोग करना होगा। सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के चलते अब तीनों बिजली कंपनियां कृषि पंप योजना के तहत किसानों को नए कनेक्शन नहीं देंगी। यही नहीं खेतों के आसपास नई लाइनें भी नहीं लगाई जाएंगी। इसकी मुख्य वजह बिजली कंपनियों को इस काम में मोटी रकम खर्च करनी होती है। अब ऐसे स्थानों पर किसानों को रियायत देकर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और उसी से किसान सिंचाई कर सकेंगे। खास बात यह है कि बिजली सरप्लस होने पर किसानों को बिजली बेचने की सुविधा रहेगी। इसके लिए विद्युत नियामक आयोग टैरिफ तय करेगा। सोलर कृषि पंप के लिए रेट भी तय कर दिए गए हैं। 1 एचपी पंप के लिए 19 हजार, 2 एचपी के लिए 23 हजार, 3 एचपी के लिए 36 हजार, 5 एचपी के लिए 72 हजार और साढ़े 7 एचपी के लिए 1 लाख 35 हजार रुपए देना होंगे।
सोलर कनेक्शन के लिए तय शर्तें
कृषि पंप के लिए पहले से बिजली कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
अगर कनेक्शन है तो उसे कटवाना होगा तभी अनुदान मिल सकेगा।
यह है खासियत
डीसी पंप रहेंगे जो सुबह 6.30 बजे से शाम 6.30 तक लगतार चल सकेंगे।
सर्दी में कम धूप में भी काम करेंगे।
स्टेनलेस स्टील के पंप होने से उनके कम खराब होने की संभावना ।
सोलर कृषि पंप के लिए यह प्रावधान
1. ऐसे किसान जिनके खेतों के आसपास फीडर या बिजली लाइन नहीं पहुंची है, जो डीजल से सिंचाई कर रहे है । उन्हें करीब 90 फीसदी सब्सिडी देकर सोलर पैनल व पंप लगाए जाएंगे। चार एकड़ के खेत में पांच एचपी का पंप लगता है जिस पर करीब तीन लाख का खर्च आता है। किसान को केवल 30 हजार ही देना होंगे। इसके बाद उन्हें बिजली मुफ्त मिलेगी। यह 25 साल तक काम करता है।
2. ऐसे किसान जिनके खेत में बिजली कनेक्शन हैं पर वे सोलर पैनल से पंप भी चलाना चाहते हैं। ऐसे में वे सरप्लस बिजली सरकार को बेच सकते हैं।
3. ऐसे किसान जिनकी जमीन अधिक है और जिनके खेत पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट के बीच की क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएं। किसान जितनी बिजली इससे लेना चाहें लें और सरप्लस बिजली बेच सकते हैं।
इनका कहना है
ऊर्जा विकास निगम के मुख्य अभियंता भुवनेश पटेल ने बताया कि नोटिफिकेशन जारी होते ही काम शुरू कर देंगे। सिंचाई सौर ऊर्जा के माध्यम से हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। बिजली कंपनियां सिंचाई के लिए नए कनेक्शन नहीं देंगी। सोलर के माध्यम से सिंचाई होगी।

x

Check Also

सिंधिया को राज्यसभा में भेज सकती है भाजपा!

भोपाल (मनीष द्विवेदी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस तरह से अपनी पार्टी के खिलाफ मुखर ...