पंचायत संगठनों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

भोपाल (मंगल भारत)। प्रदेश में जल्द ही होने वाले

पंचायत चुनाव से पहले ही पंचायत संगठनों के निशाने पर राज्य सरकार आ गई है। इन संगठनों के लोग सरकार से उनके अधिकारों में की गई कटौती से नाराज हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनके साथ वादा खिलाफी कर रही है। खास बात यह है कि भाजपा सरकार ने अधिनियम में संशोधन कर जनप्रतिनिधियों के अधिकारों में कटौती की थी, उसे अभी तक वापस नहीं लिया गया है। वहीं, जिला और जनपद पंचायत के प्रतिनिधियों की विवेकाधीन राशि भी रोक ली गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास बंद हो गया है। इसको लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है और वे आंदोलन करने की तैयारी कर चुके हैं। इसके लिए उनके द्वारा बीते दिन बैठक कर रणनीति तैयार की गई है। उधर, प्रदेश में ग्राम पंचायत, जनपद और जिला पंचायतों के चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। हर स्तर पर आरक्षण का काम चल रहा है, जो १० जनवरी तक पूरा होना है। इसके बाद जिला पंचायत के अध्यक्ष पद का आरक्षण राज्य स्तर से होगा। उधर, सरकार ने जिला और जनपद पंचायत के प्रतिनिधियों को मिलने वाली सालाना विवेकाधीन राशि जारी करने पर रोक लगा दी है। जबकि, पिछली बार जब पंचायत प्रतिनिधि भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल के निवास पर जुटे थे, तब यह सहमति बनी थी कि राशि जारी कर दी जाएगी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह के साथ हुई बैठक में अधिकारों के विकेंद्रीकरण को लेकर भी सहमति बन गई थी। इसके भी आदेश विभाग ने नहीं निकाले हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है। त्रिस्तरीय पंचायतराज संगठन के संयोजक रतलाम जिला पंचायत के उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ का कहना है कि हर जिले से चुने हुए प्रतिनिधि भोपाल पहुंच रहे हैं। बैठक में पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने की लड़ाई पहले की तरह जारी रहेगी।

x

Check Also

बड़ी खबर. रात के अंधेरे में उड़ाई जा रही धारा 144 की धज्जियां. सीधी.

मंगल भारत सीधी. जहां पूरे विश्व में लॉक डाउन की स्थित बनी हुई है. उसी के साथ पूरा भारत वर्ष ...