शिवराज जी ! सिर्फ साढ़े बारह लाख किसानों के खाते में 2 हजार रुपए पहुंचे

भोपाल/संजय तिवारी /युवा पत्रकार/ समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता/मंगल भारत। अफसरों की

लापरवाही प्रदेश के किसानों को भारी पड़ रही है। यही वजह है कि अब तक प्रदेश के 78 लाख किसानों में से महज मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत अब तक 12.50 लाख किसानों के खातों में ही पहली किस्त के तौर पर दो हजार रुपए ही पहुंच सके हैं। इस योजना का फायदा मिलने का अब भी प्रदेश के 65 लाख से अधिक किसान इंतजार करने को मजबूर बने हुए हैं। यह हाल प्रदेश में तब है, जबकि सरकार की प्रथमिकता में किसान बने हुए हैं। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में शामिल योजनाओं में भी पीएम किसान सम्मान निधि शामिल है। इसके तहत पात्र किसान को सालभर में छह हजार रुपए की मदद दी जा रही है। इस योजना में प्रदेश के 77 लाख से अधिक किसानों को शामिल करने का राज्य सरकार का दावा है। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना शुरू की है ,जिसमें पात्र किसान को राज्य सरकार के खाते से साल में दो किस्तों में चार हजार रुपए दिए जाने हैं। इस योजना के तहत किसान को पहली किस्त 1 अप्रैल से 30 सितंबर और दूसरी किस्त 1 अक्टूबर से 31 मार्च के बीच दी जानी है। चूंकि योजना 25 सिंतबर से लागू हुई है इसलिए पहली किस्त का समय मार्च 2021 तक का है।
25 सितंबर को शुरू की थी योजना: प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का शुभारंभ शिव सरकार द्वारा पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर को किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 5.70 लाख किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपए की किस्त डाली गई थी।
हर बार बदल जाते हैं आंकड़े
सरकारी पोर्टल में किसानों की संख्या को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जांच में पाया गया कि 19 नवंबर को 78, 61, 684 किसानों को किस्त देने का टारगेट था। लेकिन, 20 नवंबर को यही टारगेट 35.617 कम हो गया। अगर सरकारी आंकड़ों की माने तो 20 नवंबर की स्थिति में 20 लाख से ज्यादा किसानों का वेरिफिकेशन होना अभी रह गया है। खास बात यह है कि एक दिन पहले यही संख्या 23 लाख से ज्यादा थी। पटवारियों द्वारा अब तक 59,88,874 किसानों का वेरिफिकेशन कर तहसीलदारों के पास 57,88,381 आवेदन भेजे जा चुके हैं।
इन 10 जिलों में चल रहा मंथर गति से वेरिफिकेशन
किसानों के पेरिफिकेशन के मामले में मुरैना, शिवपुरी, मंदसौर, छतरपुर, बालाघाट, भिंड, दतिया, अशोकनगर, उज्जैन, राजगढ़ जिले में बेहद धीमी गति से काम किया जा रहा है । इसकी वजह से ही इन जिलों में 50 हजार से अधिक किसानों का वेरिफिकेशन का काम अभी होना है।
यह किया जा रहा है दावा: प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा है कि 70 प्रतिशत पात्र किसानों का वेरिफिकेशन हो चुका है। उपचुनाव की वजह से जरुर 19 जिलों में वेरिफिकेशन का कार्य प्रभावित हुआ है। लेकिन 30 नवंबर तक सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा। किसानों के खातों में पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया जारी है।

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