विशेषज्ञों की सलाहः कोरोना से घबराएं नहीं, घर पर ही हो सकते हैं ठीक

विशेषज्ञों की सलाहः कोरोना से घबराएं नहीं, घर पर

ही हो सकते हैं ठीक.

कोरोना के कहर से मची आपाधापी ने भारी घबराहट फैला दी है और लोग अपनी बीमारी की बजाय दूसरों को देखकर ज्यादा आतंकित हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने लोगों को धैर्य और संयम से कदम उठाने की सलाह दी है। उनका कहना है संक्रमित सभी मरीजों को न तो ऑक्सीजन की जरूरत है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की। कुछ दवाइयों का सेवन कर घर पर रहकर भी अधिकतर लोग ठीक हो सकते हैं। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि रेमडेसिविर जादुई गोली नहीं है। यह केवल अस्पताल में भर्ती गंभीर लक्षण वाले मरीजों पर ही इस्तेमाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सभी मरीजों को ऑक्सीजन की भी जरूरत नहीं है कुछ प्राणायाम और पेट के बल लेटकर अपना ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया जा सकता है। यह बात उन्होंने एक फेसबुक चर्चा में भाग लेते हुए कही। चर्चा में मेदांता अस्पताल के अध्यक्ष डॉ नरेश त्रेहन, एम्स के प्रोफेसर डॉ नवीत विग और स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉ सुनील कुमार भी मौजूद थे। मेदांता के चेयरमैन डॉ नरेश त्रेहन का कहना है कि जैसे ही आपकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, मेरी सलाह होगी कि आप अपने स्थानीय डॉक्टर से सलाह लें, जिसके साथ आप संपर्क में हैं. सभी डॉक्टर कोविड प्रोटोकॉल जानते हैं और उसी के अनुसार आपका इलाज शुरू करेंगे. समय पर सही दवा दी जाए तो 90 प्रतिशत मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं। डॉ सुनील कुमार कहते हैं कि समाचारों आदि पर ज्यादा ध्यान केंद्रित न करें, केवल चुनिंदा  समाचार देखें। व्हाट्सएप संदेशों पर बिलकुल भी ध्यान न दें। कोविड 19 प्रोटोकॉल का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते पालन करें। डॉ सुनील कहते हैं कि हमें विश्वास होना चाहिए कि हमारी सरकार,  डॉक्टरों,  माइक्रो-बायोलॉजिस्ट,  महामारी विज्ञानियों के सुझावों के साथ ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि टीकों को लेकर भी कई अफवाह फैलाये जा रहे हैं। वैक्सीन के कोई गंभीर दुष्परिणाम नहीं है, बल्कि यह नगण्य है।

फिर बढ़े तीन लाख 54 हजार नए संक्रमित
क्या करें कुछ समझ ही नही आ रहा है। देश में चारों ओर से चीत्कार सुनाई दे रही है। देश में कोरोना का कहर हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविवार को एक दिन में कोरोना के रिकॉर्ड तीन लाख 54,531 नए मामले मिले। यह किसी एक देश में एक दिन में मिले नए कोरोना संक्रमितों की विश्वभर में सर्वाधिक संख्या है। इस दौरान संक्रमण से रिकॉर्ड 2,806 लोगों की मौत हो गई। देश में एक दिन में महामारी से जान गंवाने वालों की सर्वाधिक संख्या है। देश में कई दिनों से नए मरीजों और मौतों की सर्वाधिक संख्या दर्ज की जा रही है। यह लगातार छठा दिन है जब नए संक्रमितों की संख्या तीन लाख से अधिक रही। इसके चलते संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1 करोड़ 73 लाख 4 हजार 308 पर पहुंच गए हैं, जबकि कुल मृतकों की संख्या 1 लाख 95 हजार 116 पर पहुंच गई है।

बिना रजिस्ट्रेशन युवाओं को नहीं लगेगा टीका
कोविड-19 एंटीबॉडी टीका लगवाने के इच्छुक 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिए कोविन वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना और टीकाकरण के लिए समय लेना अनिवार्य होगा क्योंकि प्रारंभ में टीकाकरण केन्द्र पर पंजीकरण कराने की अनुमति नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हालांकि 45 से अधिक आयु के लोग टीकाकरण केन्द्र पर पंजीकरण कराकर टीका लगवा सकते हैं। कोरोना संक्रमण के मामलों में अचानक भारी वृद्धि होने के मद्देजनजर 18 वर्ष के अधिक आयु के सभी लोगों को एक मई से टीका लगाने का निर्णय लिया गया है। एक अधिकारी ने कहा, सभी को टीके लगाने की शुरुआत होने के बाद टीकों की मांग में वृद्धि होने का अनुमान है। भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिये कोविड ऐप पर पंजीकरण कराना और टीका लगवाने के लिये समय लेना अनिवार्य किया गया है। प्रारंभ में टीकाकरण केन्द्रों पर पंजीकरण कराने की अनुमति इसलिये नहीं होगी ताकि गहमागहमी न हो।

बंगाल में सातवें चरण का मतदान आज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को सातवें चरण के मतदान के दौरान कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच 86 लाख से अधिक मतदाता 34 सीटों पर 284 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इसमें ममता का गृहनगर भवानीपुर भी शामिल है। चुनाव के पूर्व के चरणों में हुई हिंसा के मद्देनजर सातवें चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन इकाई ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इस चरण में केंद्रीय बलों की कम से कम 796 कंपनी तैनात करने का फैसला किया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 रोधी प्रोटोकॉल का कड़ा अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

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