फिक्र न करें, हां तैयार हैं हम…

भोपाल/मंगल भारत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर

के शुरुआती दौर में मची अफरा तफरी से सबक लेते हुए अब मप्र की शिवराज सरकार ने अभी से तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई है। दरअसल सरकार वह सभी स्वास्थ्य सुविधाएं अभी से जुटा लेना चाहती है जिसकी तीसरी लहर में जरुरत पड़ सकती है। इसके लिए सरकार के साथ ही अफसरों को अलग-अलग जिम्मेदारी दे दी गई है। दरअसल सरकार चाहती है कि तीसरी लहर को लेकर प्रदेश की जनता को अभी से बेफ्रिक कर दिया जाए। यही वजह है कि सरकार द्वारा प्रदेश के कई इलाकों में अभी से कोविड केयर सेंटर से लेकर संभावित जरूरत की ऑक्सीजन तक की व्यवस्थाएं जुटाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। शासन स्तर पर इस काम को स्वयं मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस खुद ही देख रहे हैं। वहीं सरकार स्तर पर स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इसकी हर दिन मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को जुटाने का जिम्मा जहां विभाग के प्रमुख सचिव मो. सुलेमान को दे रखी है तो वहीं ऑक्सीजन जुटाने का जिम्मा प्रमुख सचिव पी.नरहरि को सौंपा है। यही नहीं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को भी लगातार निगरानी करने में लगाया गया है। इस तैयारी के तहत प्रदेश के पांच जिलों में ऐसे कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें ऑक्सीजन के साथ ही वेंटीलेटर की भी सुविधा होगी। यह जिले हैं मंडला , डिंडौरी , नरसिंहपुर , सिवनी और बालाघाट। इनमें हर सेंटर में साढ़े तीन सौ पलंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा सागर जिले के बीना के समीप आगासोद में भी एक हजार बिस्तर का कोविड सेंटर अगले पखवाड़े तक बन कर तैयार हो जाएगा।

11 जिलों में बनेंगे ऑक्सीजन के प्लांट
प्रदेश में सरकार द्वारा जल्द ही 11 पीसीएस के ऑक्सीजनकी बेहतर आपूर्ति के लिए प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके लिए देवास, मंडला , धार , होशंगाबाद दमोह, पन्ना, छतरपुर , सीधी, राजगढ़ , भिंड और शाजापुर शामिल है। इसकी वजह से इन जिलों में ऑक्सीजन के लिए दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इसी तरह से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन की खपत कम करने के लिए एक हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर स्थापित करने की योजना है। इनमें से 15 फीसदी को बैकअप के रूप में रखने की भी तैयारी है।

बच्चों के लिए आईसीयू की व्यवस्था
प्रदेश सरकार द्वारा तीसरी लहर के पूर्व की तैयारियों के तहत प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 360 बिस्तरों के बच्चों के लिए अलग से आईसीयू भी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से 50 बिस्तर का आईसीयू भोपाल के हमीदिया अस्पताल में तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही 1267 बिस्तरों को भी बढ़ाया जा रहा है। इसमें से 767 बिस्तर सिर्फ आईसीयू में बढ़ाए जाएंगे। खास बात यह है कि यह सभी बिस्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाए जा रहे हैं।

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