प्रशिक्षण में मंत्री-विधायक सीखेंगे मर्यादा और आचरण का पाठ

प्रशिक्षण में मंत्री-विधायक सीखेंगे मर्यादा और आचरण का पाठ


म प्र में 9 अगस्त से शुरू होने वाले चार दिवसीय विधानसभा सत्र को लेकर प्रदेश के वर्तमान सभी 227 विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की विशेष रूचि के चलते आयोजित किया गया है, ताकि सत्र के दौरान विधायक सदन की मर्यादा और आचरण की आचार संहिता का उल्लंघन ना करें। दरअसल सत्र के पहले ही संसदीय मर्यादा को बनाए रखने और विधायकों तथा मंत्रियों का आचरण कैसे हो, इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ने छह और सात अगस्त को प्रशिक्षण रखा है। इसमें प्रदेश के सभी 227 विधायकों को बुलाया गया है। खास बात यह है कि लोकसभा की तरह ही कुछ अन्य आचार संहिता भी तैयार की गई है, जिसकी जानकारी विधायकों और मंत्रियों को दी जाएगी। बहरहाल चार दिवसीय इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। वहीं इसके बाद विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव भी हैं। इसलिए कांग्रेस सरकार पर अपना दबाव बनाएगी।

प्रदेश महिला कांग्रेस में हो सकते हैं दो कार्यकारी अध्यक्ष
प्रदेश महिला कांग्रेस में अध्यक्ष पद पर अर्चना जायसवाल की नियुक्ति के बाद कांग्रेस की अन्य महिला नेत्रियों ने अंदर ही अंदर विरोध करना शुरू कर दिया है। यही नहीं इस नियुक्ति के बाद कई बड़े नेताओं ने नाथ को फोन लगाए वहीं कई महिला नेत्रियों ने तो इस नियुक्ति पर हस्तक्षेप की मांग करते हुए इस पर पुनर्विचार करने की बातें तक पीसीसी चीफ से की है। सूत्रों के मुताबिक महिला कांग्रेस में अध्यक्ष को लेकर उपजे विरोध के स्वर को दबाने के लिए प्रदेश कांग्रेस दो महिला अध्यक्ष बनाने की घोषणा जल्द कर सकती है। सूत्रों की माने तो जो महिला नेत्रियां पहले अध्यक्ष पड़ की दौड़ में शामिल थी उनमें से ही दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाई जाएंगी। अध्यक्ष पद के लिए पूर्व में मुख्य रूप से नूरी खान, विभा पटेल के साथ ही रश्मि पवार, विजेता त्रिवेदी, बिंदु डागोर और कविता पांडे भी दावेदार के रूप में मैदान में थी। हालांकि अब यह देखना होगा कि इनमें से किस महिला नेत्री की लॉटरी लगती है और कौन प्रदेश में महिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के दो पदों पर काबिज हो पाती हैं।

राजनीति में कटुता नहीं होना चाहिए
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि राजनीति में कटुता नहीं होना चाहिए। यदि राजनीति में कटुता आएगी तो समाज में भी कटुता पैदा होगी। यदि समाज में कटुता फैली तो क्षेत्र के विकास में कठिनाई आना स्वाभाविक है। इसलिए राजनीति में कटुता के लिए जगह नहीं होना चाहिए। उन्होंने गंगा जमुनी संस्कृति की बात करते हुए कहा कि राजनीति में विभिन्न विचारधारा के बाद भी मिलजुलकर बातचीत करने का साहस हर जनप्रतिनिधि में होना चाहिए। सिंह ने यह बात हाल ही में सीधी में प्रसिद्ध साहित्यकार सोमेश्वर सिंह की ‘पुस्तक जो जिया और भोगा’ के लोकार्पण के दौरान अपने वक्तव्य में कही।

विक्रांत भूरिया नहीं लड़ेंगे चुनाव
प्रदेश की रिक्त तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव को दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर जहां कसमकस जारी है। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने साफ कर दिया है कि उनके बेटे और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया जोबट विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे और ना ही टिकट मांगेंगे। हालांकि कांग्रेस ने पहले ही तय कर लिया है कि वह विधानसभावार सर्वे कराएगी। इससे मतदाताओं की पसंद पता चलेगी। सर्वे में जो नाम सामने आएगा उसे ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। फिलहाल कांग्रेस में उपचुनाव की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर जारी है। पीसीसी चीफ कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक द्वारा बूथ, मंडलम और सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है

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