संजय दुबरी टाइगर रिजर्व रेंजर का बना कमाई का जरिया,भ्रष्टाचार को ऐसे दिया जा रहा अंजाम

संजय दुबरी टाइगर रिजर्व रेंजर का बना कमाई का जरिया
संजय टाइगर रिजर्व आजकल सुर्खियों में बना हुआ है जहां उच्च अधिकारियों की मांग स्वीकृत होने के कारण दूरी रेंज में भारी अनियमितताएं बनी हुई है स्थानीय सूत्रों के अनुसार जब से निरंजन निरंजन परिहार साहब पदस्थ हुए हैं तब से अपनी मनमानी हुकूमत चला रहे हैं
सूत्रों के मुताबिक दूरी रेल में पर्यटन के लिए खोला गया है जहां टाइगर स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं यहां के अधिकारियों द्वारा दूरी रेंज के अंदर रेस्ट हाउस विभागीय कार्य के लिए रखा गया है जिसमें पर्यटक भी रुकते हैं और यह मुख्य गेट से 10 किलोमीटर अंदर स्थित है यहां पर्यटक को मनमानी तरीके से रोका जाता है और जंगल सफारी कराई जाती है जो कि विभाग के अधिकारियों के मौन स्वीकृति कारण रेंजर के हौसले बुलंद हैं एंजल द्वारा व्यवसायीकरण करके जिप्सी अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीद कर एवं ट्रेवल एजेंसी बनाकर पर्यटन में संचालित कर रहे हैं जिसमें उनके सगे भाई ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं इनके द्वारा पर्यटक ओर से टाइगर दिखाने के नाम पर जिप्सी में गाइड एवं ड्राइवर दोनों बनकर जाते हैं जो कि स्थानीय लोगों का हक है क्योंकि रेंजर के भाई होने के कारण इनका अंदर आने जाने का कोई समय निश्चित नहीं है यह यहां के वन विभाग के स्थानीय ठेकेदारी में सन लिप्त हो गए हैं जो कि बंद के बीच गार्डों का कार्य है यह अपने रिश्तेदारों से ठेकेदारी का कार्य कराते हैं इन्होंने बकायदा फर्जी फर्मों का गठन करके व्यवसाय करने का मन बना लिया है स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह सभी कार्य उच्चाधिकारियों के जानकारी में किया जा रहा है जहां टाइगर की सुरक्षा के नाम पर करोड़ों का बजट शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाता है यहां विभागीय मिलीभगत से सुरक्षा छोड़कर पैसा कमाने की अधिकारी लगे हुए हैं नियमित टाइगर रिजर्व के मेन गेट में सिक्योरिटी कैमरा होना चाहिए जिसमें विजय रोक तोक आ जा रहे वाहनों का लेखा-जोखा सुरक्षित रहेगा और जंगल की सुरक्षा भी रहेगी रेस्ट हाउस के व्यवसायीकरण पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि यह कोर एरिया के अंतर्गत आता है जहां टाइगर विचरण करते हैं जो कि उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है ऐसे जगहों पर पर्यटकों का रुकना प्रबंधित किया जाना चाहिए
भ्रष्टाचार को ऐसे दिया जा रहा अंजाम
विगत वर्षों भी रेंजर द्वारा टिकट काउंटर के उद्घाटन के अवसर पर संजय दुबरी को एक जिप्सी विभागीय कार्य के लिए दी गई थी इसका उपयोग रेंजर्स द्वारा पर्यटन में व्यक्तिगत रूप से करके सारी कमाई खा गए उसी के फलस्वरूप इस वर्ष उन्होंने पूरी तैयारी करके नई जिप्सी अपने रिश्तेदारों के नाम से खरीद कर पैसा बटोरने में लगे हैं जिसकी विभागीय जांच होनी चाहिए कि दान की जिप्सी का उपयोग उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर क्यों किया