तालिबान ने सरकार बनाते ही 5 पत्रकारों को किया गिरफ्तार

तालिबान में केयर टेकर सरकार बनाने अगले ही दिन

तालिबान ने 5 पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया है। तालिबान ने बुधवार को काबुल में एक दैनिक अखबार Etilaatroz के 5 पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। पत्रकारों की गिरफ्तारी की जानकारी Etilaatroz के एडिटर-इन-चीफ ज़की दरयाबी ने दी है। ज़की दरयाबी ने ‘Tolo News’ से बातचीत में कहा कि Etilaatroz के 5 पत्रकारों को तालिबान ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वादा किया था कि पत्रकारों की स्वतंत्रता का सम्मान करेगा।

यूएन मानवाधिकार से जुड़े विशेषज्ञों ने सभी देशों से अपील की थी कि वो अफगानिस्तान के पत्रकारों की रक्षा करें। विशेषज्ञों ने कहा था कि अफगानिस्तान में मीडिया कर्मचारी दहशत में हैं और उनकी जान को खतरा है। विशेषज्ञों ने कहा था कि पत्रकार खासकर महिलाएं काफी सहमी हुई हैं। जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है तब से वहां महिलाएं असुरक्षित हैं। इससे पहले अभी हाल ही में अफगानिस्तान में चल रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे एक पत्रकार ने न्यूज एजेंसी ‘AFP’ से बातचीत में कहा था कि उनका प्रेस आईडी कार्ड और कैमरा तालिबान ने छीन लिया था। उन्होंने कहा था कि, ‘तालिबान ने मुझे पैर से मारा।’

आपको बता दें कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में केयर टेकर सरकार बनाए जाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को कहा कि चीन, पाकिस्तान, रूस और ईरान यह समझ नहीं पा रहे हैं कि तालिबान के साथ उन्हें क्या करना है ।  तालिबान के अपनी अंतरिम सरकार के ब्यौरे की घोषणा के कुछ समय बाद  बाइडेन  ने संवाददाताओं से कहा कि तालिबान के साथ चीन की ”वास्तविक समस्या है। बाइडन ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ”चीन को तालिबान के साथ वास्तविक समस्या है। मुझे यकीन है कि वे तालिबान के साथ कुछ हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही पाकिस्तान, रूस, ईरान भी कर रहे हैं।

तालिबान द्वारा काबुल में अपनी नयी अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”वे सभी (चीन, पाकिस्तान, रूस और ईरान) समझ नहीं पा रहे हैं कि अब वे क्या करें। तो देखते हैं कि आगे क्या होता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या होता है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत रह चुकीं निक्की हेली ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की जिसमें अमेरिका की सरकार से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया गया है।  हेली ने कहा, ” यह कहना जरूरी है कि इस प्रशासन के तहत अमेरिका को तालिबान को अफगानिस्तान की वैध सरकार के रूप में मान्यता नहीं देनी चाहिए। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि तालिबान के नियंत्रण में अफगानिस्तान का नया गृह मंत्री एफबीआई की वांछित सूची में शामिल एक आतंकवादी है।

गौरतलब है कि तालिबान ने मंगलवार को मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार की घोषणा की, जिसमें प्रमुख पदों पर विद्रोही समूह के कई कट्टर सदस्यों को नियुक्त किया जाना है। इसमें गृह मंत्री के रूप में सिराजुद्दीन हक्कानी का नाम भी शामिल है, जो आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क से ताल्लुक रखता है और उसका नाम वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल है।