भोपाल/मंगल भारत। विधानसभा का शीतकालीन सत्र अगले
सोमवार यानी 16 दिसंबर से शुरू होगा। 20 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में पांच बैठकें होंगी। सत्र के शुरू होने के बाद दूसरे दिन चालू वित्त वर्ष का अनुपूरक बजट पेश होगा। इसके पहले सत्र शुरू होने पर पहले दिन सरकार की ओर से विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इस सत्र में करीब एक दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे। सरकार स्कूलों में नकल को सख्ती से रोकने के लिए विधेयक लाने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के छोटे जिलों और ग्रामीण इलाकों में नकल रोकने के लिए दूसरे विभागों की भी मदद ली जाएगी। इस विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाने की तैयारी की जा रही है। विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने इस सत्र अवधि को काफी छोटा बताते हुए इसमें और अधिक वृद्धि की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से की है। विधानसभा सचिवालय ने पांच दिन तक चलने वाले शीतकालीन सत्र के लिए कार्ययोजना घोषित कर दी है। इसमें कहा गया है कि, पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के 11 विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके बाद 17 दिसंबर को सुबह प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा अन्य शासकीय प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। अनुपूरक बजट पर चर्चा तीसरे दिन होगी और इसी दिन एमपी विनियोग विधेयक 2024 पेश होगा। इसके अलावा सत्र के बाकी दिनों में प्रश्नोत्तर काल, शून्य काल, ध्यानाकर्षण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट
मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा होगा। 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं। शीतकालीन सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी।
विधानसभा में लगे हैं 1070 ऑनलाइन प्रश्न
सत्र के दूसरे दिन वित्त विभाग द्वारा मप्र विनियोग विधेयक 2024 लाया जाएगा। पांच दिन चलने वाले सत्र में दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। विधानसभा सत्र के लिए विधायकों ने 1766 सवाल पूछे हैं। हालांकि इस बार भी विधायकों ने ज्यादातर सवाल ऑनलाइन ही पूछे है। शीतकालीन सत्र के लिए इस बार विधायकों ने कुल 1070 ऑनलाइन सवाल विधानसभा के माध्यम से सरकार से किए हैं। वहीं 696 प्रश्न ऑफ लाइन किए गए हैं। कुल सवालों की संख्या 1766 है। इसमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित प्रश्न 878 हैं। तारांकित प्रश्नों को विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल में चर्चा में शामिल किया जाता है। इसमें रोज 25 सवाल तय रहते हैं जिसका जवाब सदन में विधायक के सवाल के बाद संबंधित विभाग के मंत्री द्वारा दिया जाता है। उधर इस बार विधायकों की यह शिकायत दूर कर दी गई है कि सत्र की बैठकें समय से पहले स्थगित होने पर उनके सवालों के जवाब नहीं मिलते। विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को सभी सवालों के जवाब विधायकों को भेज दिए हैं। हालांकि निर्देश दिए गए हैं कि सवालों के जवाब पटल पर रखे जाने के पहले तक उन्हें उजागर न किया जाए। यह वह सवाल है, जो पिछले सत्र में पूछे गए थे, लेकिन सत्र समय से पहले खत्म होने की वजह से उन्हें सदन में नहीं रखा जा सका था। विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन 11 विधेयक लेकर आने जा रही है। इनमें से 5 विधेयक उच्च शिक्षा से जुड़े होंगे। इसमें डॉ। बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यायल संशोधन विधेयक, महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2024 को सदन में पेश किया जाएगा।