तुर्की की कंपनी सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाले देते हुए रद्द कर दी गई है। इसके खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. भारत-पाक संघर्ष के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान के समर्थन के चलते यह कदम उठाया गया है. कई संस्थानों ने भी तुर्की से समझौते रद्द किए हैं.

नई दिल्ली: तुर्की की कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार (16 मई) को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) द्वारा ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में’ सिक्योरिटी क्लियरेंस रद्द करने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने और पड़ोसी देश में आतंकी शिविरों पर भारत के हमलों की निंदा करने के कुछ दिनों बाद फर्म की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मामले से जुड़े एक वकील ने याचिका दायर किए जाने की पुष्टि की है. इस याचिका के अगले सप्ताह सूचीबद्ध होने की संभावना है.
सेलेबी, भारतीय विमानन क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत है. इसमें 10,000 से अधिक लोग काम करते हैं. यह नौ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं प्रदान करती है.
बीसीएएस ने एक आदेश में कहा है, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है.’
तुर्की की इस कंपनी को सुरक्षा मंजूरी नवंबर 2022 में दी गई थी.
सेलेबी की वेबसाइट के अनुसार, यह भारत में सालाना लगभग 58,000 उड़ानें और 5,40,00 टन कार्गो संभालती है. यह मुंबई, दिल्ली, कोचीन, कन्नूर, बैंगलोर, हैदराबाद, गोवा, अहमदाबाद और चेन्नई हवाई अड्डों पर मौजूद है.
इससे पहले जारी एक बयान में सेलेबी एविएशन इंडिया ने कहा था कि वह भारतीय विमानन, राष्ट्रीय सुरक्षा और कर नियमों का पूर्ण अनुपालन करती है तथा पूरी पारदर्शिता के साथ काम करती है.
इसने भारत में कंपनी के स्वामित्व और परिचालन के संबंध में सभी आरोपों को खारिज कर दिया तथा देश के विमानन क्षेत्र के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
दिल्ली हवाई अड्डे के परिचालक डायल ने भी कहा था कि उसने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो संचालन के लिए जिम्मेदार सेलेबी संस्थाओं के साथ अपना सहयोग औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है.
सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड क्रमशः ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो टर्मिनल कार्यों की देखरेख कर रहे थे.
आईआईटी-रुड़की ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन रद्द कर दिया
पाकिस्तान के समर्थन के कारण तुर्की से दूरी बनाने वाली भारतीय निजी कंपनियों और संस्थानों की बढ़ती मांग के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ अनुसंधान सहयोग को रद्द करने की घोषणा की है.
आईआईटी-रुड़की ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन रद्द कर दिया
पाकिस्तान के समर्थन के कारण तुर्की से दूरी बनाने वाली भारतीय निजी कंपनियों और संस्थानों की बढ़ती मांग के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ अनुसंधान सहयोग को रद्द करने की घोषणा की है.
इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा संचालित तीन विश्वविद्यालयों – दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया, हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने भी तुर्की संस्थानों के साथ सक्रिय समझौता ज्ञापन (एमओयू) को निलंबित कर दिया, जिनमें से दो ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों’ को इसका कारण बताया है.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जारी एक बयान में विश्वविद्यालय ने कहा, ‘आईआईटी रुड़की अपने अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को राष्ट्रीय हित के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.’
अब रद्द किए गए एमओयू में संभावित शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमें छात्र और फैकल्टी आदान-प्रदान शामिल थे. बयान में कहा गया, ‘आईआईटी रुड़की अपने अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को राष्ट्रीय हित के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. संस्थान वैश्विक भागीदारों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करना जारी रखता है जो इसके शैक्षणिक उद्देश्यों और भारत के शोध और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं.’
तुर्की के मालाट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने अंतर-सांस्कृतिक अनुसंधान और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ शैक्षणिक साझेदारी की है.
इस बीच, गुरुवार को अडानी एयरपोर्ट ने मुंबई और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर तुर्की की विमानन कंपनी सेलेबी के साथ अपने ग्राउंड हैंडलिंग कंसेशन एग्रीमेंट को खत्म करने की घोषणा की. यह कदम भारत के विमानन नियामक द्वारा सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के बाद उठाया गया है.
ज्ञात हो कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान इस्लामाबाद को तुर्की के समर्थन के बीच नई दिल्ली ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ कारणों से तुर्की हवाई अड्डा सेवा फर्म को दी गई अपनी सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी. साथ ही वह समारोह भी स्थगित कर दिया गया जिसमें तुर्की के राजदूत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करना था.
वहीं, हाल के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अंकारा द्वारा पाकिस्तान को दिए गए समर्थन के मद्देनजर भारतीयों से तुर्की की यात्रा न करने या तुर्की के सामानों का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया है.
मालूम हो कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ‘आतंकवादी बुनियादी ढांचे’ पर मिसाइल हमले किए जाने के एक दिन बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप ताय्यप एर्दोगां ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन किया, ‘पाकिस्तान के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की’ और ‘हमले में शहीद हुए पाकिस्तानियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.’
केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत ने लगभग 36 स्थानों पर पाकिस्तान द्वारा छोड़े गए कई ड्रोनों को रोका है और उनके मलबे पर आधारित ‘प्रारंभिक रिपोर्ट’ से पता चलता है कि वे तुर्की के अस्सिसगार्ड सोंगार ड्रोन थे.