पुष्पराज सिंह से ख़ास बातचीत: शिक्षा की नई राह पर बढ़ता पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चमराडोल

पुष्पराज सिंह से ख़ास बातचीत: शिक्षा की नई राह पर बढ़ता पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चमराडोल

सीधी, मध्यप्रदेश | मंगलभारत न्यूज़

28 जुलाई 2025 को सीधी ज़िले के मझौली विकासखंड स्थित पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चमराडोल में विद्यालय के प्राचार्य श्री पुष्पराज सिंह से एक विशेष साक्षात्कार लिया गया। यह विद्यालय हाल ही में प्रधानमंत्री स्कूल (पीएम श्री) योजना के अंतर्गत चयनित हुआ है और अब शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता के लिए चर्चा में है।

विद्यालय की प्रगति और उद्देश्य:
साक्षात्कार के दौरान प्राचार्य श्री पुष्पराज सिंह ने बताया कि उनका उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा भी देना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

सुविधाएं और आधुनिकरण:
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाओं का विकास किया गया है। प्राचार्य ने बताया कि इन संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे तकनीकी रूप से दक्ष बनें और बच्चों को बेहतर दिशा दे सकें।

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पुष्पराज सिंह से ख़ास बातचीत: शिक्षा की नई राह पर बढ़ता पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चमराडोल

शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका:
श्री सिंह ने यह भी बताया कि शिक्षकों की टीम पूरी तरह से समर्पित है और अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है। हर महीने पैरेंट-टीचर मीटिंग का आयोजन कर बच्चों की प्रगति पर चर्चा की जाती है, जिससे घर और विद्यालय दोनों स्तरों पर सहयोग बना रहे।

लाभार्थी छात्र-छात्राएँ:
इस विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। प्राचार्य के अनुसार, छात्राओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो क्षेत्र में जागरूकता और परिवर्तन का प्रतीक है। बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण भी विकसित हो रहे हैं।

भविष्य की योजना और संदेश:
विद्यालय की आगामी योजना में विज्ञान और गणित में नवाचार प्रयोगों को बढ़ावा देना, साथ ही कैरियर गाइडेंस कार्यशालाओं का आयोजन करना शामिल है। श्री सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक अच्छा नागरिक बनाना है। शिक्षक और अभिभावक मिलकर एक ऐसा माहौल बनाएं, जहाँ शिक्षा जीवन से जुड़ सके।”