भगवान का सबसे बड़ा उपकार है कि मैं ब्राह्मण पैदा हुआ और मुझे आरक्षण नहीं मिला: गडकरी

नागपुर में हल्बा समाज महासंघ के स्वर्ण जयंती समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वह मज़ाक में अक्सर कहते हैं कि भगवान का सबसे बड़ा उपकार यह है कि वह ब्राह्मण पैदा हुए और उन्हें आरक्षण नहीं मिला. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंसान जाति से नहीं, अपनी योग्यताओं से बड़ा होता है.

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा है कि वह अक्सर मज़ाक में कहते हैं कि भगवान ने उनके लिए सबसे बड़ा उपकार यह किया कि वह ब्राह्मण पैदा हुए और उन्हें जाति आधारित आरक्षण नहीं मिला.

गडकरी ने कहा, ‘मैं लोगों से कहता हूं कि कोई भी इंसान जाति, धर्म या भाषा से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी योग्यताओं से बड़ा होता है. दरअसल, मैं अक्सर मज़ाक में कहता हूं कि भगवान ने मेरे लिए सबसे बड़ा उपकार यह किया कि मैं ब्राह्मण पैदा हुआ और मुझे आरक्षण नहीं मिला.’

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, गडकरी ने यह बात नागपुर (जो उनकी लोकसभा सीट है) में आयोजित हल्बा समाज महासंघ की स्वर्ण जयंती समारोह में कही.

गडकरी ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में मराठा समाज का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बहुत है, लेकिन ब्राह्मण समाज की उतनी अहमियत या दबदबा नहीं है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्राह्मणों की मौजूदगी साफ दिखाई देती है. उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं वहां जाता हूं, तो देखता हूं कि दुबे, मिश्रा और त्रिपाठी काफ़ी ताक़त और प्रभाव रखते हैं.’

गडकरी ने यह भी कहा कि, ‘मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि मैं जाति और मज़हब में विश्वास नहीं करता. कोई इंसान जाति, धर्म या भाषा से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी योग्यताओं से बड़ा होता है.’