राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार,15 से 29 वर्ष के युवाओं में बेरोज़गारी दर अगस्त के 14.6% से बढ़कर सितंबर में 15% तक पहुंच गई. वहीं, सितंबर में देश की बेरोज़गारी दर बढ़कर 5.2% हो गई, अगस्त में यह दर 5.1% दर्ज की गई थी.

नई दिल्ली: ग्रामीण बेरोज़गारी में बढ़ोतरी के बीच सितंबर महीने में देश के श्रम बाज़ार की रफ्तार धीमी दर्ज की गई.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा बुधवार (15 अक्टूबर) को जारी पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के मासिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में देश की बेरोज़गारी दर बढ़कर 5.2% हो गई, अगस्त में यह दर 5.1% दर्ज की गई थी.
बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए करंट वीकली स्टेटस (सीडब्ल्यूएस) के अनुसार अगस्त में 4.3% से बढ़कर बेरोज़गारी दर सितंबर में 4.6% हो गई, जो जून के बाद से सबसे अधिक है.
वहीं, शहरी इलाकों में बेरोज़गारी दर अगस्त के 6.7% से बढ़कर सितंबर में 6.8% पर पहुंच गई.
आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों में बेरोज़गारी दर 5% से बढ़कर 5.1% दर्ज की गई, जबकि महिलाओं में यह दर अगस्त के 5.2% से बढ़कर सितंबर में 5.5% हो गई.
श्रम बल भागीदारी (एलएफपीआर) दर अगस्त के 55% से बढ़कर सितंबर में 55.3% हो गई. एलएफपीआर दर यह बताती है कि कितने लोग काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं.
15 से 29 वर्ष के युवाओं में बेरोज़गारी दर अगस्त के 14.6% से बढ़कर सितंबर में 15% तक पहुंच गई. इस आयु वर्ग में महिलाओं की बेरोज़गारी दर 17.8% पर स्थिर रही, वहीं पुरुषों के बीच यह 13.5% से बढ़कर 13.9% दर्ज की गई.