सांई विद्या मंदिर पोस्ता बना शिक्षा और खेल का मजबूत केंद्र
नवोदय में 8 छात्रों का चयन, संभाग स्तर तक पहुंच रहे खिलाड़ी
चुरहट (जिला सीधी)।
विधानसभा चुरहट अंतर्गत पोस्ता ग्राम में संचालित सांई विद्या मंदिर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल गतिविधियों के लिए अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2016 से संचालित यह विद्यालय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर तक संचालित है, जिसमें वर्तमान में 225 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं।
विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब तक यहां से 8 छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन हो चुका है, जो ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। वहीं खेल गतिविधियों में भी विद्यालय के छात्र संभाग स्तर तक पहुंचकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
विद्यालय के डायरेक्टर मोहम्मद अयूब अंसारी और क्रीड़ा प्रभारी महसवींन अंसारी के नेतृत्व में शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेष बातचीत
https://youtu.be/lEZhSkx5PJ4?si=Hzgz5Rcpzei0Mq_K
प्रश्न 1: सांई विद्या मंदिर की स्थापना किस उद्देश्य से की गई?
उत्तर (डायरेक्टर मोहम्मद अयूब अंसारी):
ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर और संस्कारयुक्त शिक्षा देना ही विद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य रहा है।
प्रश्न 2: स्कूल की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति कैसी है?
उत्तर:
विद्यालय प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक संचालित है, जहां 225 छात्र नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं।
प्रश्न 3: नवोदय चयन को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
8 छात्रों का नवोदय में चयन हमारी शिक्षण गुणवत्ता और शिक्षकों की मेहनत का प्रमाण है।
प्रश्न 4: ग्रामीण शिक्षा में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
उत्तर:
संसाधनों की कमी और जागरूकता की कमी, लेकिन परिणाम देखकर अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है।
प्रश्न 5: विद्यालय में खेलों को कितनी प्राथमिकता दी जाती है?
उत्तर (क्रीड़ा प्रभारी महसवींन अंसारी):
हम शिक्षा के साथ खेलों को समान महत्व देते हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।
प्रश्न 6: कौन-कौन से खेल विद्यालय में कराए जाते हैं?
उत्तर:
कबड्डी, खो-खो, दौड़, फुटबॉल सहित कई खेल नियमित रूप से कराए जाते हैं।
प्रश्न 7: छात्रों की खेल उपलब्धियाँ क्या रही हैं?
उत्तर:
कई छात्र संभाग स्तर तक पहुंचकर विद्यालय और गांव का नाम रोशन कर चुके हैं।
प्रश्न 8: खेल प्रशिक्षण में किस बात पर विशेष ध्यान दिया जाता है?
उत्तर:
अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास पर विशेष फोकस रहता है।
प्रश्न 9: अभिभावकों का सहयोग कैसा मिल रहा है?
उत्तर (डायरेक्टर):
अब अभिभावक शिक्षा के साथ खेलों के महत्व को समझ रहे हैं और पूरा सहयोग दे रहे हैं।
प्रश्न 10: भविष्य की क्या योजनाएँ हैं?
उत्तर:
आने वाले समय में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार, खेल संसाधनों में वृद्धि और छात्रों को राज्य स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
निष्कर्ष
सांई विद्या मंदिर पोस्ता आज क्षेत्र में शिक्षा और खेल के संतुलित विकास का उदाहरण बनकर उभर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय निरंतर सफलता की नई कहानी लिख रहा है।