पानी का दुष्परिणाम लोग पलायन को मजबूर

इंदौर में हेपेटाइटिस का शिकार होने पर लौट रहे छात्र

भोपाल/मंगल भारत
दूषित पानी से भागीरथपुरा में 17 मौतों ने इंदौर के लोगों को तो डरा ही दिया है। दूसरे शहरों से आकर इंदौर में पढ़ और काम कर रहे लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। छोटी-छोटी बीमारी पर लोग इंदौर छोड़ अपने घर लौटने लगे हैं। लगातार हो रही मौतों की खबर सुनकर छात्रों ने माता-पिता ने चिंता जताते हुए उन्हें वापस बुलाना शुरू कर दिया है। वही, इंदौर की बस्तियों में अचानक आरओ और वाटर फिल्टर की डिमांड बढ़ गई है। दूषित पानी का दुष्परिणाम देख, लोगों ने नगर निगम के टैंकरों और बोरिंग के पानी का इस्तेमाल रोक दिया है। इंदौर में सरकारी और प्रायवेट नौकरियों में जहां हजारों की संख्या में बाहरी लोग कार्यरत हैं तो विभिन्न पाठ्यक्रम कर रहे छात्र-छात्राओं का आंकड़ा लाखों में है। भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक के बाद एक अब तक 17 मौतों ने इन बाहरी लोगों के परिजनों को चिंता में डाल दिया है। परिणाम स्वरूप अब किसी को सर्दी-जुकाम भी हो रहा है तो माता पिता सभी को घर बुला रहे हैं। बीते पखवाड़े में इंदौर छोडक़र अपने घर लौटने वालों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। छोटी-छोटी बीमारी की वजह इंदौर के पानी को मानते हुए छात्र-छात्राएं घर लौटना पसंद कर रहे हैं। हालांकि अभी तक जितने भी लोग दूषित पानी से बीमार होई है अथवा दिवंगत हुए हैं, वे सभी इंदौर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। मगर दूसरे शहरों से आकर इंदौर में रहने वाले कई छात्र और कामकाजी लोग भी इस गंदे पानी का शिकार हो रहे हैं। इनकी बीमारी का पता भी अपने घर जाकर लग रहा है।
आरओ की मांग में अचानक उछाल
दूषित पानी से फैल रही बीमारियों ने व्यापारियों की चांदी कर दी है। इंदौर में वाटर फिल्टर, यूवी और आरओ की मांग अचानक बढ़ गई है। हर बस्ती में आरओ और वाटर प्यूरीफायर बेचने वाली कंपनियों ने कैंप लगा लिये हैं तो उनके एक्जीक्यूटिव्स घर-घर पहुंचकर आरओ और फिल्टर की खूबियां बताते हुए भागीरथपुरा में सप्लाई हुए पानी को भी साफ करने का दंभ भरते हुए अपना प्रचार कर रहे हैं।
516 बोरिंग का पानी भी खतरनाक
भागीरथपुरा में नलों से दूषित पानी सप्लाई होने के बाद लोग बोरिंग पर आश्रित हो गए थे। मगर अब बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है। मामला सामने आने के बाद शहर में बोरिंग के पानी के सैंपल लिये गए थे। इनमें से 35 सैंपल फेल हो गए हैं। इलाके के 516 बोरिंग के पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी हैं। इसके अलावा 112 पानी की टंकियों, नलों का पानी और बोरिंग के भी सैंपल लिए गए।
सिवनी का छात्र आदित्य जबलपुर में भर्ती
सिवनी में रहने वाला 18 वर्षीय युवक आदित्य मिश्रा तबीयत बिगड़ने के बाद इंदौर से लौट आया। परिजन उसे इलाज के लिए जबलपुर ले आए। यहां जांच में आदित्य हेपेटाइटिस पॉजिटिव निकला। उसे आईसीयू में रखा गया है। आदित्य इंदौर के भंवरकुआं स्थित एक कोचिंग संस्थान से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। यह किराए के कमरे में अकेला रहता था और सार्वजनिक नल से पानी भरकर पीता था। आदित्य के साथ रहने वाले दो-तीन दोस्त श्री बीमार पड़ गए। तबियत बिगड़ते ही सभी इंदौर छोडक़र अपने-अपने घर लौट गए। इंदौर से लौटकर आदित्य ट्रेकिंग के लिए देहरादून चला गया था। वहां तबियत बिगड़ने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर में भर्ती किया गया है। बेटे की गंभीर हालत देख आदित्य के पिता ने इंदौर में रह रहे सभी छात्रों व कामकाजी लोगों से अपील की है कि सभी अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहें।