लोक सुनवाई सिंगरौली में सूचना छपी भोपाल में

मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की भर्राशाही
भोपाल/मंगल भारत

मप्र में एक तरफ सरकार का फोकस अविवादित विकास पर है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली में सामने आया है। जिले के चितरंगी तहसील के ग्राम सिल्फोरी एवं सिधार में गोल्ड ब्लॉक आवंटन होना है। इसको लेकर वहां लोक सुनवाई होनी है। लेकिन मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की भर्राशाही यह देखिए कि उसने इसकी सूचना भोपाल के एक अंग्रेजी अखबार में छपवाई है।
गौरतलब है कि मप्र का सिंगरौली जिला इन दिनों उद्योग घरानों के लिए जंगल साफ करने की वजह से देशभर में चर्चा में है। सिंगरौली के चितरंगी में ही पुलिस सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में पड़ काटे गए थे। जिसको लेकर सिंगरौली से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चला। इस बीच मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सिंगरौली स्थिति क्षेत्रीय अधिकारी ने चितरंगी तहसील के ग्राम सिल्फोरी एवं सिधार में गोल्ड ब्लॉक आवंटन से पहले होने वाली लोक सुनवाई की सूचना 700 किमी दूर भोपाल के एक अंग्रेजी समाचार पत्र में जारी की है। क्षेत्रीय कार्यालय, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिंगरौली द्वारा जारी की गई जनसुनवाई की सूचना के अनुसार गुड़हल पहाड़ गोल्ड ब्लॉक की माइनिंग लीज से संबंधित पर्यावरण प्रभाव आंकलन रिपोर्ट (ईआईए-आर) बोर्ड की पोर्टल, पर भी उपलब्ध नहीं है। सिंगरौली के गुड़हल पहाड़ गोल्ड ब्लॉक का माइनिंग लीज का ठेका हरियाणा के कुंदन समूह को मिला है। कुंदन समूह गोल्ड माइनिंग के क्षेत्र में भी काम करता है। बताया गया कि सिंगरौली के गुड़हल पहाड़ गोल्ड ब्लॉक से एक टन पत्थर से 1.03 ग्राम सोना निकलेगा। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अभिच्युत मिश्रा का कहना है कि क्षेत्रीय अधिकारी ने स्थानीय स्तर पर भी किसी अखबार में जनसुनवाई की सूचना जारी की होगी। ऐसा होता है कि सूचना अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा के अखबार में जारी करवाई जाए, इसलिए भोपाल गई है।
4 फरवरी को होगी लोक सुनवाई
सूचना के तहत हरियाणा मूल की कंपनी मैसर्स कुंदन, गोल्ड माइंस प्रायवेट लिमिटेड को ग्राम सिल्फोरी एवं सिधार में 149.30 हेक्टेयर का गोल्ड ब्लॉक माइनिंग लीज आवंटित के लिए 4 फरवरी को लोक सुनवाई होगी। जिसका समय 12 बजे एवं स्थानी ग्राम पंचायत भवन सिल्फोरी तहसील चितरंगी, जिला सिंगरौली निर्धारित है। दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय के 2009 के आदेश के परिपालन में किसी भी कंपनी को खनन के लिए लीज देने से पहले लोक सुनवाई आवश्यक है। इसी के परिपालन में गोल्ड माइंस के लिए जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। लेकिन मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनसुनवाई की सूचना अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र में स्थानीय स्तर पर जारी न करवाकर 700 किमी दूर प्रकाशित करवाई है। जबकि गोल्ड माइंस को लीज पर देने के लिए आयोजित होने वाली जनसुनवाई की सूचना स्थानीय समाचार पत्र, स्थानीय भाषा में जारी करवाई जाना अनिवार्य है। इस संबंध में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अभिच्युत मिश्रा से जानकारी चाही गई, लेकिन वे स्पष्ट रूप से यह नहीं बता पाए कि सिंगरौली जिले के सिल्फोरी एवं सिधार ग्राू में होने वाली जनसुनवाई की सूचना स्थानीय आषा में स्थानीय स्तर पर कहां प्रकाशित करवाई है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जनसुनवाई की सूचना सिंगरौली से सैंकड़ों किमी दूर प्रकाशित अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित करके स्थानीय ग्रामीणों से जनसुनवाई की सूचना देने से वंचित रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।