अच्छी खबर: कालाबाजारी पर प्रहार! डिजिटल किसान आईडी से ही मिलेगी खाद

केंद्र सरकार खाद की बिक्री को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एग्री स्टैक का सहारा लेने वाली है। इसके तहत, यूरिया की बिक्री को धीरे-धीरे डिजिटल फार्मर आईडी से जोड़ा जाएगा। यह वही आईडी है जिसका उपयोग वर्तमान में पीएम-किसान योजना के पंजीकरण के लिए किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाली खाद केवल वास्तविक भू-स्वामियों या अधिकृत बटाईदारों तक ही पहुंचे। कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक कार्ययोजना तैयार की है। पहले चरण में देश के सात चुनिंदा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इन जिलों का चयन इसलिए किया गया है, क्योंकि यहां पहले से ही बड़ी संख्या में किसानों की डिजिटल आईडी बन चुकी है। इस ट्रायल के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या आईडी के जरिए खाद बेचने से कालाबाजारी रुकती है और सब्सिडी का सही उपयोग होता है। एग्री स्टैक एक डिजिटल फाउंडेशन है जो किसानों, डेटा और डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर लाता है। इसका लक्ष्य डेटा के आधार पर किसानों को बेहतर निर्णय लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करना है। दिसंबर, 2025 तक देश में लगभग 7.67 करोड़ डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- केशव मौर्य समझदार, मुख्यमंत्री बनाना चाहिए
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद जारी है। इसी बीच, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राजस्थान के कोटा में कहा- दोनों पक्ष सनातनी हैं, आपस में बैठकर समझौता करें। सनातन का मजाक बनने से कोई फायदा नहीं। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य को समझदार नेता बताया। कहा- डिप्टी सीएम समझदार हैं, ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए। वो समझते हैं कि अफसरों से गलती हुई। जो अकड़ में बैठा हो, उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए। दरअसल, यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गुरुवार को कहा था- पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना करता हूं कि स्नान करें। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत शुक्रवार सुबह बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार था। 5 घंटे दवा खाकर आराम करते रहे। मेला प्रशासन से टकराव के चलते अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के बाद वसंत पंचमी का भी संगम स्नान नहीं किया। अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक मैं स्नान नहीं करूंगा। फिलहाल, अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस भेजने के बाद से अफसर चुप्पी साधे हैं। 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा।
बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेगा, होगा चार धाम यात्रा का श्रीगणेश
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा हो गई है। बद्रीनाथ धाम का कपाट 23 अप्रैल 2026 को 6 बजकर 15 मिनट पर खुलेगा। बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित है। चारधाम यात्रा की शुरुआत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होती है। हर साल अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। इस साल चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। पिछले साल यह यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हुई थी। ऐसे में इस साल चारधाम यात्रा पिछले साल की तुलना में 11 दिन पहले शुरू होगी। चारधाम यात्रा का समय बढऩे से श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
पीएम मोदी बोले- तमिलनाडु सरकार बस एक परिवार की जी हुजूरी में लगी
पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दो चुनावी राज्यों केरल और तमिलनाडु का दौरा किया। पीएम ने यहां दो रैलियों को भी संबोधित किया। पीएम ने मिलनाडु के चेंगलपट्टू में कहा-राज्य के लोग डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं। हमें तमिलनाडु को करप्शन फ्री स्टेट बनाना है। डीएमके सरकार का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। आज तमिलनाडु की सरकार का डेमोक्रसी या अकाउंटिबिलिटी से लेना देना नहीं है। डीएमके सरकार बस एक परिवार की जी हुजूरी में लगी है। इनकी पार्टी में जो ज्यादा करप्शन करता है वो आगे बढ़ता है। तमिलनाडु का बच्चा बच्चा जानता है कि कहां कितना करप्शन हो रहा है और ये कमाई किसकी जेब में जा रही है। विकसित तमिलनाडु बनाने में युवा और नारी शक्ति की बड़ी भूमिका है। डीएमके सरकार ने युवाओं को ड्रग्स के हवाले कर दिया है। मां बाप अपनी आंखों के सामने बच्चों को बर्बाद होते देख रहे हैं। ड्रग माफिया स्कूल कॉलेज को टारगेट कर रहे हैं। डीएमके के लोगों पर ड्रग्स माफिया से मिले होने के आरोप लग रहे हैं। युवाओं को ड्रग्स के शिंकजे से बचाना होगा।