रिलायंस इंडस्ट्रीज को वेनेजुएला से कच्चे तेल की सीधी खरीद के लिए अमेरिकी लाइसेंस मिला: रिपोर्ट

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को वेनेजुएला के कच्चे तेल की सीधी खरीद के लिए अमेरिका से लाइसेंस मिल गया है. इस अनुमति से देश की सबसे बड़ी निजी रिफाइनिंग कंपनी रिलायंस प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना सीधे वेनेजुएला से तेल खरीद सकेगी, जिसे रूसी तेल के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.

रिलायंस का जामनगर रिफाइनरी परिसर. (फोटो: विकिपीडिया)
नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को एक सामान्य लाइसेंस जारी किया है, जो दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग परिसर के संचालक को प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना सीधे वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति देगा.

मालूम हो कि इससे पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला से सीधे तेल खरीद पर रोक लगी हुई थी और तेल की आपूर्ति कारोबारियों के माध्यम से हो रही थी. ये खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने दावा किया था भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह रोकने पर सहमति जताई है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग परिसर संचालित करती है. यह कंपनी अमेरिकी प्रतिबंध लगने से पहले वेनेजुएला के कच्चे तेल की नियमित खरीदार थी. हालांकि, 2019-20 में वेनेजुएला की मादुरो सरकार पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह आयात रुक गया था.

अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लाइसेंस मिलने के बाद विटॉल से वेनेजुएला के कच्चे तेल के 20 लाख बैरल खरीदे हैं. इस कदम से वेनेजुएला के तेल निर्यात में तेजी आ सकती है और लागत कम हो सकती है, जिससे यह भारतीय रिफाइनर के लिए लागत प्रभावी तरीके से रूसी तेल का विकल्प बन सकता है.

उल्लेखनीय है कि एक सामान्य लाइसेंस वेनेजुएला से निकाले गए कच्चे तेल की खरीद, निर्यात और बिक्री को अधिकृत करता है, जिसमें ऐसे तेल का शोधन भी शामिल है.

मालूम हो कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि वाशिंगटन वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देगा ताकि काराकास और वाशिंगटन के बीच 2 अरब डॉलर के तेल आपूर्ति समझौते और देश के तेल उद्योग के लिए 100 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी पुनर्निर्माण योजना को सुविधाजनक बनाया जा सके.

जनवरी की शुरुआत में लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली रिलायंस ने वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने का अमेरिकी लाइसेंस मिलने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

इस साल फरवरी की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटा दिया और कहा कि नई दिल्ली अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत भारतीय रिफाइनरियां अप्रैल में डिलीवरी के लिए रूसी तेल की खरीद से बच रही हैं.

अखबार के रिफाइनिंग एवं व्यापार सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भी इस तरह के व्यापार से दूर रहने की संभावना है. यह कदम नई दिल्ली को वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौता करने में मदद कर सकता है.

गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण 2025 की शुरुआत में रिलायंस को वेनेजुएला से तेल खरीद बंद करनी पड़ी थी. रिलायंस दो रिफाइनरियों का संचालन करती है जिनकी संयुक्त क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रति दिन है.