5 देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी, इमरान खान के इलाज की मांग

5 देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी, इमरान खान के इलाज की मांग

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत को लेकर 5 देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। 73 साल के इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। इस चिट्ठी पर सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं। दावा किया जा रहा है कि 14 दिग्गज पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से इमरान को उचित इलाज कराने का आह्वान किया है। यहां सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस चिट्ठी पर किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हालांकि पिछले हफ्ते वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी समेत कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर इमरान के लिए उचित इलाज की मांग की थी। इमरान खान 1992 में वर्ल्ड कप जीतने वाली पाकिस्तानी टीम के कप्तान थे। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की एक आंख की करीब 85 फीसदी रोशनी चली गई है। यह खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त वकील सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इमरान खान जेल प्रशासन से कई महीनों आंखों में धुंधलापन होने की शिकायत कर रहे थे। अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य थी, लेकिन बाद में दाईं आंख की रोशनी अचानक कम हो गई।
बड़ी सफलता: लाल आतंक का अंत! सुकमा में 22 नक्सलियों ने डाले हथियार
नक्सल मुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा जिले में 22 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोडक़र सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। इस घटना को नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया एएसपी रोहित शाह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बड़ी सफलता में जिला रिजर्व गार्ड, जिला पुलिस बल, क्षेत्रीय फील्ड टीम, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कोबरा बटालियन की सराहनीय भूमिका रही। प्रशासन के अनुसार, सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति, बेहतर जीवन की संभावनाओं और विकास कार्यों के विस्तार से प्रभावित होकर नक्सलियों ने हथियार छोडक़र समाज की मुख्यधारा से जुडऩे का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है।
खालिस्तानी आतंकियों ने दी धमकी, पंजाब सीएम को जहरीला केमिकल देने का दावा
पंजाब के सीएम भगवंत मान को जान से मारने की धमकी दी गई है। खालिस्तान समर्थक संगठन, खालिस्तान नेशनल आर्मी ने प्रशासन को ईमेल भेजकर धमकी दी कि सीएम मान को भाई दिलावर सिंह के वारिसों ने पोलोनियम से संक्रमित किया है। अगर वे बच गए तो उनका पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह जैसा हाल करेंगे। सीएम मान मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। खालिस्तान नेशनल आर्मी ने इस अस्पताल समेत 16 स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी। मोहाली के एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने ईमेल की पुष्टि की है। एसपी का कहना है कि धमकी भरा ईमेल आया है। हम सभी चीजों को वैरिफाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। अस्पताल की अच्छी तरह से जांच की गई है। सब सेफ है।
केला उत्पादन में भारत का दबदबा… यूपी चौथे और 7वें नंबर पर एमपी
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा केला पैदा करता है। भारत में आंध्र प्रदेश अग्रणी राज्य है। महाराष्ट्र बड़ा योगदान देता है। वहीं देश का दिल कहा जाने वाला मध्यप्रदेश केला उत्पादन में सातवें नंबर पर है। दरअसल, विश्वभर में केले की खेती उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है। केले की खेती मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में की जाती है। वहीं भारत में केले की खेती मुख्य रूप से तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में की जाती है। दुनिया में भारत केले का सबसे बड़ा उत्पादक है। इस लिस्ट में भारत, चीन जैसे कई देशों से आगे है। दुनिया भर में जितने केले का उत्पादन होता है, उसमें से 25-26 फीसदी अकेले भारत में होता है। 2024 में भारत का कुल केला उत्पादन 36.6 मिलियन टन रहा था। सूची में दूसरा नंबर चीन का है। चीन में केले का उत्पादन 11.7 मिलियन के आस-पास रहा। यानी भारत में केला उत्पादन चीन के मुकाबले तीन गुना से अधिक रहा। भारत, चीन और इंडोनेशिया मिलकर टॉप 10 देशों में कुल प्रोडक्शन का लगभग 60 फीसदी योगदान देते हैं। इससे ग्लोबल केले की सप्लाई चेन में एशिया की सेंट्रल भूमिका काफी मजबूत होती है।