एमपी में महंगी होगी शराब नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार

भोपाल/मंगल भारत

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में आबकारी नीति-2026-27 को मंजूरी दी गई। नई आबकारी नीति एक अप्रैल, 2026 से लागू होगी। सरकार ने शराब सिंडिकेट की मोनोपॉली तोड़ने और ज्यादा राजस्व के लिए नई आबकारी नीति में सख्त प्रावधान किए है। नई आबकारी नीति के प्रस्ताव के अनुसार अब शराब दुकानों की नीलामी पांच-पांच के समूहों में की जाएगी। अब तक जिले में एक-दो बड़े समूहों के पास ही शराब दुकानें रहती थीं। बड़े समूहों की वजह से सीमित कंपनियां ही टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले पाती थीं। जैसे- भोपाल में 87 शराब दुकानें हैं। इन पर 4 कंपनियों का कब्जा है। सरकार का मानना है कि छोटे समूह बनने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ऊंची बोली से सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस साल शराब दुकानों के लायसेंस का नवीनीकरण (रिन्यू) नहीं किया जाएगा। शराब दुकानों के वर्तमान मूल्य में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा। नई नीति में पहली बार शराब ठेकों के टेंडर रेंडमाइजेशन सिस्टम से करने का प्रावधान किया गया है। कौन सा समूह पहले खुलेगा, यह कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ से तय होगा। पहले सभी टेंडर एक साथ जारी होते थे, अब क्रमवार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
शराब दुकानों की नीलामी से 19,500 करोड़ राजस्व का लक्ष्य

सूत्रों का कहना है कि सरकार ने नई आबकारी नीति में शराब दुकानों की नीलामी से 19,500 करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा है। इसलिए नई नीति में 20 प्रतिशत अधिक राशि पर शराब दुकानों की नीलामी का प्रावधान किया गया है। ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण और अवैध परिवहन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतों पर नियंत्रण के लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। आबकारी विभाग को 31 मार्च तक करीब 18 हजार करोड़ रुपए का राजस्व जुटाना है।
कैबिनेट ने इन प्रस्तावों को भी दी मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में अजा-अजजा बस्तियों के विकास के लिए 583 करोड़ 75 लाख रुपए का अनुमोदन किया गया। महाविद्यालयीन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 4,230 करोड़ 82 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। चरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में वित्तीय वर्ष 2028-29 तक निरंतरता के लिए 847 करोड़ 89 लाख रुपए का अनुमोदन किया गया। ऐसे ही प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 9वीं एवं 10वीं योजना में वित्तीय वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 690 करोड़ 69 लाख रुपए की मंजूरी दी गई।
नई शराब दुकानें या अहाते नहीं खुलेंगे
नई नीति के अनुसार प्रदेश में नई शराब दुकानें या अहाते नहीं खुलेंगे। मप्र में शराब दुकानों की फुल संख्या 3.558 है। ये सभी कंपोजिट दुकानें हैं। ऐसे ही पूर्व की तरह नर्मदा किनारे 5 किलोमीटर की परिधि में शराब दुकानें नहीं खोले जाने और धार्मिक व शैक्षणिक स्थलों से शराब दुकानों की दूरी पूर्व की तरह 100 मीटर निर्धारित रखा जाना प्रस्तावित है।
शराब सिंडिकेट की मोनोपॉली टूटेगी
पांच-पांच के ग्रुप में नीलाम होंगी शराब दुकानें, अब तक जिले में एक-दो बड़े समूचे के पास ही दुकानें रहती थी शराब दुकानों के छोटे समूह बनने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ऊंची बोली से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।