गौमाता को बचाने विधायक आतिफ अकील ने मारी बाजी, शंकराचार्य का मिला समर्थन

भोपाल/मंगल भारत

भोपाल उत्तर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी विधानसभा में लाए गए अशासकीय संकल्प को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन मिला है। संकल्प में गाय की मृत्यु पर सम्मानजनक अंतिम संस्कार और गौ-मांस-चमड़े के व्यापार पर पूर्ण रोक लगाने की मांग उठाई गई है। यह संकल्प विधानसभा के पटल पर आने के पहले ही चर्चा में आ गया। शंकराचार्य ने हिंदू विधायकों को आईना दिखाते हुए आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह मांग हिंदू विधायकों से अपेक्षित थी लेकिन अकील ने इसे उठाया। उनका अभिनंदन है, अब यह प्रस्ताव सभी विधायक पारित करें तो अच्छा है। यदि असफल होता है तो कलंक कहलाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि आश्चर्य होता है, तब जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही न हो, वह आगे बढक़र के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश किया है। इसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात कही गई थी।
आतिफ के पिता भी 11 साल पहले उठा चुके मुद्दा
विधायक अकील के दिवंगत पिता विधायक आरिफ अकील ने भी वर्ष 2014 में यह मुद्दा अशासकीय संकल्प के माध्यम से विधानसभा में उठाया था। तब यह संकल्प पारित नहीं हो पाया था।
शंकराचार्य से हुई बात
भोपाल उत्तर के विधायक अकील ने बताया कि शंकराचार्य से उनकी फोन पर बात हुई है। शंकराचार्य ने मुझे इसके लिए आशीर्वाद दिया। अकील ने कहा कि मैं इस संकल्प को पारित कराने और गौ-मांस व चमड़े के कारोबार पर रोक लगाने की मांग उठाता रहूंगा। शंकराचार्य ने इस मामले को संसद में उठाने वाले हिंदू-मुस्लिम सांसदों का भी जिक्र किया।
‘हिंदू विधायकों के पास अब भी एक मौका’: आगे अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।’ आगे उन्होंने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि ‘अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं।