अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच पाएगी थाना पुलिस, अपराध होगा दर्ज

आफिस का स्टाफ हफ्ते में तीन दिन करेगा लॉ एंड आर्डर ड्यूटी

भोपाल/मंगल भारत। अमूमन देखने में आता है कि पीडि़त अपनी शिकायत लेकर जब थाने पहुंचता है तो पुलिस उसके छोटे-छोटे मामलों में एनसीआर (असंज्ञेय अपराध) काट देती है यानी यह अपराध योग्य नहीं है। ऐसे में पीडि़त निराश और असंतुष्ट होकर थाने से चला जाता है। बाद में यही फरियादी सीएम हेल्प लाइन में शिकायत करता है और अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटता है। ऐसा न हो इसलिए अब थाना पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पाएगी। वह एनसीआर काटकर पल्ला नहीं झाड़ पाएगी, उसे अपराध कायम करना होगा। ऐसे में फरियादी भी संतुष्ट होकर थाने से जाएगा और इसकी शिकायत अफसरों तक नहीं पहुंचेगी और बेहतर पुलिसिंग होगी।
पेट्रोलिंग, वाहन चेकिंग में उपयोग: मौजूदा हालात में राजधानी में बल की कमी है। इस कमी को पूरा करने और सडक़ों पर पुलिस की बिजीविलिटी बढ़ाने के लिए खासकर पीक आवर्स में आफिस में लगे स्टाफ से ड्यूटी ली जा रही है। डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी आफिस में लगे स्टाफ को भी अब लॉ एंड आर्डर ड्यूटी करनी होगी। आफिस के बाद शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक यह ड्यूटी रहेगी, जोकि डीसीपी लगाएंगे। आफिस में लगे प्रत्येक स्टाफ को हफ्ते में तीन दिन लॉ एंड आर्डर ड्यूटी करना होगा। अभी आफिस में लगा स्टाफ सुबह 11 बजे तक दफ्तर पहुंचता था। इसके बाद शाम छह बजे दफ्तर बंद होने के बाद घर चला जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। इस स्टाफ को भी जोन के हिसाब से फील्ड में ड्यूटी करना होगी। यह स्टाफ थानों द्वारा की जा रही चेकिंग, पेट्रोलिंग व वाहन चेकिंग में उपयोग किया जाएगा।
पब्लिक से जनसंवाद पर जोर
पुलिस कमिश्नर भोपाल का साफ कहना है कि थाने से कोई भी फरियादी असंतुष्ट होकर नहीं जाएगा। उसकी फरियाद थाना पुलिस को सुनना होगी। वह थाने से निराश होकर अफसरों तक नहीं आना चाहिए। इस संबंध में वह संबंधित थाना प्रभारी से बात करेंगे। वहीं थाना प्रभारी दो आदेश जारी किए गए हैं कि पुलिस पब्लिक से जनसंवाद करें। हर माइक्रो बीट में जाकर लोगों से मिलें। लगातार जनसंवाद करें। इसका फीडबैक भी कमिश्नर खुद ले रहे हैं।
आफिस स्टाफ में मची खलबली
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, जिसका कढ़ाई से पालन कराया जा रहा है। वहीं अफसर के इस निर्देश से आफिस में लगे स्टाफ में खलबली मची है। जो सुकून से आठ घंटे की ड्यूटी करने के लिए आफिस स्टाफ के रूप में आए थे, अब उन्हें वहीं करना होगा जो थाना पुलिस करती है। आफिस स्टाफ में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों में इन दिनों यह चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में जो लोग सोच रहे थे कि आफिस स्टाफ बनकर कुछ दिन सुकून से नौकरी करें, अब उन्होंने भी अपना मन बदल लिया है।