अब संभागायुक्तों और कलेक्टरों को बदलेंगी सरकार

अब संभागायुक्तों और कलेक्टरों को बदलेंगी सरकार

मैदानी अफसरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार

मप्र में एसआईआर का काम पूरा हो गया है। चुनाव आयोग की बाध्यता 21 फरवरी को पूरी हो गई है। ऐसे में अब सरकार मैदानी अफसरों का ट्रांसफर कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉफ्रेंस के बाद अफसरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करवा ली है। संभावना जताई जा रही है कि 6 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के बाद बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी। इसमें कुछ संभागायुक्त के साथ दर्जनभर जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि मुख्य सचिव की कलेक्टर-कमिश्नर कॉफ्रेंस के बाद अधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब उस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करेगी। जिसमें एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर भी बदले जाने की संभावना है। इस फेरबदल में भोपाल कलेक्टर कौशलेंन्द्र विक्रम सिंह, धार के प्रियंक मिश्रा से लेकर रीवा, ग्वालियर, मैहर, नर्मदापुरम, झाबुआ जिले की महिला कलेक्टर को बदले जाने की संभावना है। साथ ही 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर बनाने का सिलसिला शुरू होगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर शासन स्तर पर मंथन हो चुका है। तबादलों में तीन संभागायुक्त भोपाल, ग्वालियर, रीवा को बदला जा सकता है। भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सचिव पदोन्नत हो गए हैं। उन्हें भोपाल संभागायुक्त बनाया जा सकता है या फिर मुख्यमंत्री कार्यालय में वापसी हो सकती हैं।
15 से ज्यादा कलेक्टरों के तबादले
जानकारी के अनुसार, मप्र सरकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी कर रही है। विधानसभा के बजट सत्र के बाद 15 से ज्यादा जिलों के कलेक्टरों के तबादले किए जा सकते हैं। कलेक्टरों की नई पदस्थापना के लिए सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम पूरा होने की तैयारी कर रही थी। 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद एसआईआर का काम पूरा हो गया है। विधानसभा सत्र का समापन 6 मार्च को होगा। दरअसल, गत अक्टूबर से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के दौरान कलेक्टरों के तबादलों पर अघोषित प्रतिबंध लगा हुआ था। इस अवधि में सरकार चुनाव आयोग की अनुमति लेकर ही कलेक्टरों की नई पदस्थापना कर सकती थी। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सरकार ने जनवरी में सिर्फ अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का तबादला किया था। इसके लिए सरकार ने तीन नामों का पैनल चुनाव आयोग को भेजा था। चुनाव आयोग की अनुमति से साकेत मालवीय को अशोकनगर का कलेक्टर पदस्थ किया गया था। अब चूंकि एसआईआर का काम पूरा हो चुका है, इसलिए सरकार ने कुछ जिलों के कलेक्टरों को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच कलेक्टरों की नई पदस्थापना को लेकर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है।
खराब रिपोर्ट वालों पर गिरेगी गाज
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सरकार को कुछ ऐसे कलेक्टरों के तबादला करना है, जिनकी रिपोर्ट अच्छी नहीं है। इसका आंकलन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस करके दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन के आधार पर किया गया है। कई कलेक्टरों द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन के पास पहुंची हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन दो बार कलेक्टर कमिश्नरों के कामकाज का आंकलन विभिन्न आधार पर करा चुके हैं। रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयार भी कर ली है। मुख्य सचिव दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा कर चुके हैं। इस रिपोर्ट के आधार बजट सत्र के बाद मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर पर परिवर्तन किया जाएगा। कुछ सचिव स्तर के अधिकारियों को नए दायित्व दिए जाएंगे, तो कुछ अन्य अधिकारियों को भी बदला जाएगा। मैदानी स्तर पर कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर भी बदले जाएंगे। इसमें वे अधिकारी भी शामिल होंगे, जिन्हें ढाई साल से अधिक समय एक स्थान पर हो गया है।
2017 बैच को मिलेगी कलेक्टरी
संभावना जताई जा रही है कि इस बार 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर बनाया जाएगा। इसकी एक वजह यह है कि 11 जिलों के कलेक्टर अपर सचिव पद पर प्रमोट हुए हैं। राज्य सरकार ने एक जनवरी, 2026 से 71 आईएएस अफसरों को सीनियर पदों पर प्रमोट किया है। इसमें सचिव पद पर प्रमोट हो चुके भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के अलावा अपर सचिव पद पर प्रमोट हो चुके 11 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। इनमें धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह, नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना, सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा, सागर कलेक्टर संदीप जीआर, राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, अपर आयुक्त राजस्व जबलपुर संभाग अमर बहादुर सिंह, पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कान्याल के नाम शामिल हैं। हालांकि अपर सचिव पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों को सरकार रियायत दे सकती है। प्रदेश के इस समय 44 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वर्ष 2024 और 2025 में आईएएस 14 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हैं। इसका असर प्रदेश में संवर्ग प्रबंधन पर भी पड रहा है। सचिव स्तर के अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से विभाग देने पड़े हैं, क्योंकि अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों की कमी है। इस वर्ष केवल एक अधिकारी एम. सेलवेंद्रन ही प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नत हुए। परिवहन, स्कूल शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, श्रम, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, खनिज साधन जैसे विभाग की जिम्मेदारी सचिव स्तर के अधिकारी संभाल रहे है।