कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन के सिलसिले में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की निंदा की है. राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल, अमेरिका के साथ ट्रेड डील और अडानी पर अमेरिकी अभियोग को लेकर पीएम पर गंभीर आरोप लगाए.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय यूथ कांग्रेस के एक समूह द्वारा कमीज निकालकर किए गए प्रदर्शन के सिलसिले में मंगलवार (24 फरवरी) को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु छिब को गिरफ्तार किया.
उक्त प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने अपनी शर्ट उतारकर नीचे पहनी टी-शर्ट्स पर लिखे पीएम मोदी और केंद्र सरकार विरोधी नारे दिखाए थे.
दिल्ली की एक अदालत ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है.
इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार (20 फरवरी) को भारत मंडपम में हुए प्रदर्शन के संबंध में भारतीय यूथ कांग्रेस के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था.
इन गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है. यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है. मुझे यूथ कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज़ उठाई है.’
उन्होंने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु छिब और यूथ कांग्रेस के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी को तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण बताया.
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा, ‘कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मज़बूती से खड़े हैं. सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है.’
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और उसके कार्यकर्ताओं की खुलेआम अवैध गिरफ्तारी की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कड़े शब्दों में निंदा करती है. एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शनों के बारे में उन्होंने कहा कि साफ तौर पर यह एक शांतिपूर्ण और वैध विरोध प्रदर्शन था.
कांग्रेस नेता ने एक्स पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से एप्सटीन फाइल्स में हुए खुलासों से विचलित हैं. साथ ही उन्हें किसानों के बढ़ते आक्रोश का भी सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने उनके साथ विश्वासघात किया है और ट्रेड डील के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.’
उन्होंने इन गिरफ़्तारियों के बारे में कहा, ‘यह सब परेशान करने की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है. प्रधानमंत्री अपने और अपनी सरकार से जुड़े असहज सच से ध्यान भटकाने के लिए बेचैन हैं, जिन्हें देश की जनता पहचान चुकी है.’
‘आपने देश को बेच दिया.. ये शर्म की बात है’
इससे पहले राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एपस्टीन फाइल में नाम आने, ट्रंप के साथ ट्रेड डील और अडानी पर अमेरिकी अभियोग को लेकर पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए.
पीएम मोदी द्वारा एआई सम्मेलन में यूथ कांग्रेस के नेताओं के प्रदर्शन को शर्मनाक कहे जाने पर राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं. एपस्टीन फाइल में आपका, आपके मंत्री (हरदीप पुरी) और आपके मित्र (अनिल अंबानी) का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना.. ये शर्म की बात है.’
गांधी कहते हैं, ‘आपने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, जिसमें आपने देश को बेच दिया.. ये शर्म की बात है.’
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ट्रेड डील के ज़रिए देश का डेटा अमेरिका को देने, किसानों को खत्म करने और टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बर्बाद करने का आरोप लगाया.
अडानी पर अमेरिकी अभियोग के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पूरा देश जानता है, अडानी पर अमेरिका में चल रहे केस ने आपकी रातों की नींद उड़ा रखी है, क्योंकि वो भाजपा और आपके फाइनेंशियल आर्किटेक्चर पर केस है. 14 महीनों से उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई, ये शर्म की बात है.’
राहुल गांधी ने पीएम मोदी द्वारा लोकसभा में भाषण न देने के पीछे का कारण एपस्टीन फाइल्स को बताया. उन्होंने कहा, ‘मोदी सदन में नहीं आ पाए, और इसका कारण नरवणे नहीं थे. कारण एपस्टीन था, कारण अडानी पर केस था.
पीएम मोदी को संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा, ‘अहिंसा और लोकतांत्रिक विरोध देश की बुनियाद है. गांधी जी और भगत सिंह ने यह रास्ता दिखाया है. इससे आप इतना क्यों डरते हो?’