स्टेट बैंक चुरहट शाखा में अव्यवस्थाएँ जस की तस, ग्राहकों की परेशानियाँ बढ़ीं.सीधी.

स्टेट बैंक चुरहट शाखा में अव्यवस्थाएँ जस की तस, ग्राहकों की परेशानियाँ बढ़ीं.

मंगल भारत।चुरहट । स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुरहट शाखा, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रमुख बैंकिंग केंद्र है, इन दिनों लगातार अव्यवस्था और अव्यवस्थित प्रबंधन को लेकर सवालों के घेरे में है। पिछले दिनों उठी शिकायतों और प्रकाशित खबरों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नज़र नहीं आ रहा।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, चुरहट शाखा में प्रतिदिन सिर्फ एक ही कैश काउंटर संचालित होता है, जिसके कारण सुबह से लेकर शाम तक ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।

तात्कालिक आवश्यकताओं वाले खाताधारक भी अपने ही पैसे निकालने के लिए घंटों इंतज़ार करने को मजबूर हैं।

बैंक पर केवल चुरहट ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों—पटपरा, बडखरा, और रामपुर जैसे कई गांवों—के लोग भी निर्भर हैं। लेकिन कर्मचारियों की कमी और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण सेवाएँ लगातार प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय कर्मचारियों के बाद भी प्राइवेट वर्करों पर निर्भरता
ग्राहकों का आरोप है कि शाखा में लगभग 60% कर्मचारी स्थानीय होने के बावजूद दैनिक बैंकिंग कार्यों के लिए प्राइवेट डेली-वेज कर्मचारियों पर निर्भरता बढ़ गई है। इससे कार्य प्रणाली धीमी हो रही है और ग्राहकों को सही जानकारी भी समय पर नहीं मिल पाती। कई लोगों का कहना है कि बैंक कर्मचारी सीधा संवाद करने में भी हिचकते हैं।

बिना कारण अकाउंट होल्ड, बार-बार केवाईसी का झंझट
ग्राहक बताते हैं कि बिना स्पष्ट कारण खातों को होल्ड कर दिया जाता है और हर कुछ महीनों में केवाईसी करवाने के लिए मजबूर किया जाता है। जब शिकायत लेकर शाखा प्रबंधक से मिलने की कोशिश की जाती है तो वे मिलने से इंकार कर देते हैं। कभी सर्वर समस्या, तो कभी अलग काउंटर का हवाला देकर लोगों को इधर-उधर भटकाया जाता है।

बड़े व्यापारियों को प्राथमिकता, आम ग्राहक उपेक्षित
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े व्यापारियों के कामों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि छोटे खाताधारकों को बार-बार सिफ़ारिश बड़े व्यापारियों से करवाने पड़ता है। इससे आम जनता में गहरी नाराज़गी पनप रही है।

ग्राहकों की नाराज़गी: “न खबर का असर, न प्रबंधन में बदलाव”
बीते दिनों शिकायतें उजागर होने के बाद भी न तो काउंटर बढ़ाए गए, न कर्मचारियों की तैनाती सुधरी और न ही शाखा प्रबंधक के रवैये में कोई परिवर्तन दिखा। ग्राहकों ने कहा कि—
“खबरें छपती हैं, शिकायतें होती हैं, लेकिन बैंक में हालात वैसे ही बने हुए हैं। अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति सुधारने की कोई ठोस पहल नहीं की।”
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्राहकों और स्थानीय लोगों ने बैंक के उच्च अधिकारियों एवं प्रशासन से मांग की है कि तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्टेट बैंक चुरहट शाखा की कार्यप्रणाली को सुधारने के निर्देश दिए जाएँ, ताकि आम जनता बिना अनावश्यक परेशानी के बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सके।