उप मुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा- होंगे ऑर्गन ट्रांसप्लांट
भोपाल/मंगल भारत

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा है कि अब मध्य प्रदेश के हर संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और मजबूत बनाने के लिए जागरूकता की सर्वाधिक जरूरत है। इसमें जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मंत्री ने सदन में अपना जवाब दिया। इस चर्चा में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के दो दर्जन विधायकों ने भाग लिया था। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों की उपलब्धता की है। उन्होंने बताया कि हम इस दिशा में लगातार सफलता अर्जित कर रहे हैं। उप उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में एमबीबीएस की 1000 सीटें बढ़ीं हैं। जबकि पीजी की 900 सीटों में वृद्धि हुई है। फैकल्टी मेंबर बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए अब हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। चार मेडिकल कॉलेजों का काम पीपीपी मोड पर चल रहा है। जबकि प्रस्तावित 12 कॉलेजों को शुरू करने के प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर चल रहे हैं। उसे प्रतिपक्ष के सदस्यों को समझना होगा। कई पैरामीटर पर लोगों का इलाज चल रहा है। यही कारण है कि एमपी को पहला पुरस्कार मिला है। इसके पूर्व चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अस्पतालों में हुमन रिसोर्स की कमी है। ऐसे में कैसे स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होगी। अस्पतालों में काउंसलर नहीं है यही कारण है कि आत्महत्याएं बढ़ रही है।
अंग डोनेट के लिए लोगों को किया जा रहा प्रोत्साहित
पद मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्थ केयर योजना शुरू होगी। इसके अंतर्गत हार्ट कैंसर ट्रामा एवं ऑर्गन ट्रांसप्लांट होंगे। इस योजना के लिए या तो शासन से स्वीकृत होंगे या फिर पीपीपी मोड पर कॉलेजों में काम प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंग डोनेट की दिशा में लगातार लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी तक 1700 लोगों ने ऑर्गन डोनेशन के लिए सहमति दी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजन स्वास्थ्य कार्यक्रम अस्पतालों में शुरू किया गया है। इसके लिए हर हॉस्पिटल में 10 बिस्तर सुरक्षित किए गए हैं। आयुष्मान योजना में 1800 हॉस्पिटल इंपैनल्ड किए गए हैं, जिसमें अभी तक 13000 करोड़ का भुगतान किया गया है।
300 डॉक्टरों ने दी जॉइनिंग
सदन में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 2 साल में 4000 डॉक्टरों की भर्ती करेंगे। 348 कम्युनिटी सेंटर है जिनमें भर्ती प्रक्रिया के प्रयास किया जा रहे हैं। जिला अस्पतालों में सीधी भर्ती के 1300 में से 500 डॉक्टरों का चयन किया गया जिनमें से 300 ने जॉइनिंग दी है। विशेषज्ञों की उपलब्धता के लिए मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाई जा रही हैं।